​ब्रज की परिक्रमा में दिखा कलयुग का त्रेता युग: बहू ने सिर पर उठाकर कराई बुजुर्ग सास को परिक्रमा, वीडियो हुआ वायरल

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आगरा/सहपऊ: ब्रज की पवित्र चौरासी कोस परिक्रमा का मार्ग इन दिनों भक्ति और श्रद्धा से सराबोर है, लेकिन इस बार परिक्रमा के दौरान कुछ ऐसा दिखा जिसने वहां मौजूद हर किसी की आंखों में आंसू ला दिए। सहपऊ के पास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसमें एक बहू अपनी बुजुर्ग सास की वर्षों पुरानी मनोकामना पूरी करने के लिए उन्हें एक टब में बैठाकर अपने सिर पर उठाए हुए परिक्रमा कर रही है।

​अदम्य साहस और अटूट श्रद्धा

वीडियो में दिखाई दे रहा है कि बहू न केवल अपनी सास को सिर पर उठाए हुए है, बल्कि वह बिना रुके और बिना किसी थकान के मीलों लंबी पदयात्रा कर रही है। राहगीर और अन्य श्रद्धालु इस दृश्य को देखकर दंग रह गए और कई लोग तो उनके सामने नतमस्तक हो गए। कलयुग के इस दौर में मातृसेवा का यह उदाहरण लोगों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।

​”इसमें कोई कष्ट नहीं, यह तो बस सेवा है”

सबसे प्रेरणादायक बात वह है जो इस बहू ने कही। जब रास्ते में गुजरने वाले लोगों ने उसकी हिम्मत की दाद दी और उसका नाम जानना चाहा, तो उसने बड़ी विनम्रता के साथ अपना नाम बताने से मना कर दिया। उसने कहा, “इसमें मुझे कोई कष्ट नहीं हो रहा है, मैं तो बस अपनी सास की मुराद पूरी कर रही हूं।” यह सादगी और निस्वार्थ भाव ही इस वीडियो को इतना प्रभावशाली बना रहा है।

सोशल मीडिया पर उमड़ा जनसैलाब

सोशल मीडिया पर जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। लोग लिख रहे हैं कि यह ‘कलयुग में त्रेता युग’ की जीवंत तस्वीर है। जहां आज के दौर में लोग छोटी-छोटी बातों पर रिश्तों से दूरी बना लेते हैं, वहीं इस बहू ने सास-बहू के रिश्ते को एक नई परिभाषा दी है।

​यह घटना केवल एक परिक्रमा नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों के लिए एक सबक है जो अपने बुजुर्गों की सेवा करना बोझ समझते हैं। यह वीडियो एक बार फिर याद दिलाता है कि संस्कार अगर मजबूत हों, तो कोई भी दूरी या कठिनाई बड़ी नहीं होती।

Dr. Bhanu Pratap Singh