डमरुओं की गूंज और इत्र-पुष्प वर्षा से शिवमय हुआ सिकंदरा: सावन के तीसरे सोमवार पर सजी अलौकिक झांकी, छप्पन भोग जैसी प्रसादी ने मोहा मन

PRESS RELEASE

ॐ श्री शिव रूद्राक्ष सेवा समिति ट्रस्ट ने किया 19 वें विशाल भंडारा का आयोजन

उज्जैन के 30 सदस्यीय महाकाल डमरू दल ने बांधा समां, विविध व्यंजनों की प्रसादी बनी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र

आगरा। कैलाश मेले के अवसर पर ॐ श्री शिव रूद्राक्ष सेवा समिति ट्रस्ट, आगरा द्वारा सावन के तीसरे सोमवार को पुरुषोत्तम दास सावित्री देवी कैंसर केयर हॉस्पिटल, सिकंदरा में 19वें विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में आस्था, सेवा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। उज्जैन से आए 30 सदस्यीय श्री महाकाल डमरू दल की गूंजती प्रस्तुतियों के बीच दर्शनार्थियों पर पुष्प एवं इत्र वर्षा की गई। डमरुओं की थाप, हर-हर महादेव के जयघोष और पुष्पों की सुगंध से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के संरक्षक डॉ. संदीप अग्रवाल ने भोलेनाथ के स्वरूप की आरती एवं महाप्रसाद का भोग लगाकर किया। इसके बाद दिनभर शिवभक्तों के लिए भंडारा चलता रहा। भव्य झांकी के दर्शन के साथ श्रद्धालुओं ने महाकाल डमरू दल की प्रस्तुति का आनंद लिया।

उज्जैन के महाकाल की नगरी से आए 30 सदस्यीय डमरू दल ने अपनी विशेष प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। डमरुओं की एक साथ गूंजती थाप के बीच भगवान शिव के जयकारों से आयोजन स्थल गुंजायमान हो उठा। समिति की ओर से दर्शनार्थियों पर पुष्प एवं इत्र वर्षा कर उनका स्वागत किया गया। फूलों की पंखुड़ियों और सुगंधित इत्र की फुहारों के बीच श्रद्धालु स्वयं को भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर महसूस करते नजर आए।

समिति के समिति के संस्थापक संदीप सिंघल एवं सह-संस्थापक सचिन गोयल ने कहा, “कैलाश मेला भगवान शिव की आराधना और श्रद्धा का पर्व है। हमारा प्रयास रहा कि यहां आने वाला प्रत्येक शिवभक्त केवल दर्शन करके न लौटे, बल्कि उसे ऐसा अनुभव मिले कि वह इस आयोजन की भक्ति और आत्मीयता को लंबे समय तक याद रखे।

उज्जैन से आए महाकाल डमरू दल की प्रस्तुति इसी भावना का हिस्सा थी। डमरुओं की गूंज के साथ जब श्रद्धालुओं पर पुष्प और इत्र की वर्षा हुई तो पूरा वातावरण स्वयं महाकाल की भक्ति में डूब गया। यह हमारे लिए सेवा के साथ-साथ भोलेनाथ के चरणों में एक छोटी-सी भेंट है।”

समिति के अध्यक्ष सौरभ वर्मा और महामंत्री अविनाश राणा
ने बताया कि भंडारे में शिवभक्तों के लिए विविध प्रकार के व्यंजनों की व्यापक व्यवस्था की गई। हलवा, पूड़ी-सब्जी, जलेबी, खीर, कचौड़ी, पोहा, उपमा, छोले-चावल, राजमा-चावल, मटर-ब्रेड, विभिन्न प्रकार के पकौड़े, हॉट चाट, पेटीज, पॉपकॉर्न, गुलाब जामुन, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, जीरा सोडा, कुल्फी और शरबत सहित अनेक व्यंजनों की प्रसादी श्रद्धालुओं को वितरित की गई। बच्चों के लिए कुरकुरे, टेढ़े-मेढ़े चिप्स सहित अन्य खाद्य सामग्री की भी व्यवस्था रही।

कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र गोयल ने कहा कि समिति की तैयारियां करीब दो माह पहले से शुरू हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि जो शिवभक्त सुबह घर से खाली पेट भगवान शिव की आराधना के लिए निकलता है, वह घर लौटते समय भूखा न जाए, यही समिति की सेवा भावना का मूल उद्देश्य है।

भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की और समिति के सेवा कार्य की सराहना की। आयोजन स्थल पर दिनभर हर-हर महादेव, बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे।

आयोजन की व्यवस्थाओं में संस्थापक संदीप सिंघल, सह-संस्थापक सचिन गोयल, अध्यक्ष सौरभ वर्मा, महामंत्री अविनाश राणा, कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र गोयल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमित यादव और सोनू मित्तल, उपाध्यक्ष मनोज सिंघल और सुमित गोयल, मंत्री नितिन गोयल, शैलेन्द्र वर्मा, और अमन गोयल, सह-मंत्री कृष्णा अग्रवाल, शुभम वर्मा और देवेश गोयल, लेखा प्रमुख अतुल सिंघल, आनंद पंडित, टीटू आदि का विशेष सहयोग रहा। शहर के जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग शामिल हुए।

Dr. Bhanu Pratap Singh