नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देते हुए विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस की राजनीति को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने लोकसभा में हुई अप्रिय घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि एक गरीब आदिवासी महिला के राष्ट्रपति पद तक पहुंचने को कांग्रेस पचा नहीं पा रही है।
आदिवासी, दलित और नॉर्थ-ईस्ट का अपमान
प्रधानमंत्री ने लोकसभा के हंगामे को सामाजिक अपमान से जोड़ते हुए कहा कि जिस समय सदन में कागज फेंके गए, उस समय आसन पर असम के सांसद बैठे थे, जो पूर्वोत्तर का अपमान है। अगले दिन जब आंध्र प्रदेश के दलित सांसद पीठासीन हुए, तब भी वैसा ही व्यवहार किया गया। पीएम ने कहा, “गरीब और आदिवासी समाज के प्रति कांग्रेस की नफरत अब खुलकर सामने आ गई है।”
महिला सांसदों द्वारा घेराव का खुलासा
पीएम मोदी ने उस घटना की पुष्टि की जिसके कारण उन्हें लोकसभा में जवाब देने से रुकना पड़ा। उन्होंने बताया कि बुधवार को जब वे जवाब देने वाले थे, तब कांग्रेस की महिला सांसदों ने उनके आसन को घेर लिया था। उन्होंने कहा, “लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आग्रह पर, मर्यादा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुझे सदन में नहीं आना पड़ा।”
सिख समाज और रवनीत बिट्टू का मुद्दा
कांग्रेस पर सिखों के प्रति नफरत का आरोप लगाते हुए पीएम ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार’ कहे जाने की निंदा की। उन्होंने इसे पूरे सिख समाज और गुरुओं की परंपरा का अपमान बताया। पीएम ने कहा कि कांग्रेस की कार्यशैली हमेशा से “लटकाना, अटकाना और भटकाना” रही है।
टीएमसी और भ्रष्टाचार पर प्रहार
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार को ‘क्रूर’ बताया और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर विपक्ष को घेरा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “एक सांसद बड़ी बातें कर रहे थे, जिनकी पूरी सरकार शराब (घोटाले) में डूबी है और जिनका ‘शीशमहल’ नफरत की वजह बन गया है।” उन्होंने बोफोर्स से लेकर मौजूदा घोटालों तक विपक्ष के इतिहास को याद दिलाया।
’रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार भारत
आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि भारत अब ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र पर चल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि 21वीं सदी का यह कालखंड विकसित भारत के निर्माण के लिए निर्णायक होगा और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का सपना जल्द साकार होगा।
- अयोध्या का भंडाफोड़ अधर्मियों के ‘शताब्दी समारोह’ को ‘समाप्ति समारोह’ बना देगा, सपा प्रमुख अखिलेश यादव का तीखा प्रहार - June 20, 2026
- गोमती का अस्तित्व खतरे में! सीवेज, गाद और कंक्रीट के तटबंधों ने नदी की सांसें थामीं, पर्यावरणविदों ने दी चेतावनी - June 20, 2026
- भाजपाई ही माफियाई हैं… मऊ हंगामे पर अखिलेश यादव का योगी सरकार पर बड़ा हमला, मांगी दोषियों की एआई पहचान - June 20, 2026