45 वर्ष के बाद महिलाएं हो जाएं सावधान, बारिश के मौसम में मंडरा रहा बड़ा खतरा
कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी बन रही हड्डियों की सबसे बड़ी दुश्मन, आगरा विकास मंच के शिविर में विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण सलाह
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Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat.
आगरा। आगरा विकास मंच द्वारा संचालित दिव्यांग सेंटर, 117 जयपुर हाउस में आयोजित निशुल्क हड्डी रोग, जोड़ प्रत्यारोपण एवं फिजियोथेरेपी शिविर में शनिवार को 12 मरीजों का परीक्षण किया गया। इनमें से एक मरीज का घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) के लिए चयन किया गया, जिसका उपचार रियायती लागत पर कराया जाएगा।
महिलाओं में तेजी से बढ़ रही कैल्शियम की कमी
आगरा विकास मंच के अध्यक्ष राजकुमार जैन एवं संयोजक सुनील कुमार जैन ने बताया कि शिविर में वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. विभांशु जैन ने कहा कि वर्तमान समय में सबसे अधिक महिलाएं कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी के कारण मांसपेशियों के दर्द, जोड़ों की तकलीफ और हड्डियों की कमजोरी से जूझ रही हैं।
उन्होंने सलाह दी कि भोजन में दूध, दही, पनीर, तिल, सोयाबीन, हरी पत्तेदार सब्जियां तथा अन्य कैल्शियमयुक्त खाद्य पदार्थों को नियमित रूप से शामिल करें। साथ ही प्रतिदिन कुछ समय धूप अवश्य लें, जिससे शरीर में प्राकृतिक रूप से विटामिन-डी का निर्माण हो सके।
45 वर्ष के बाद कैल्शियम पर दें विशेष ध्यान
डॉ. विभांशु जैन ने विशेष रूप से 45 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी भोजन की थाली के साथ कैल्शियम की गोली रखना अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें, ताकि दवा लेना भूलें नहीं। समय पर कैल्शियम और विटामिन-डी का सेवन भविष्य में होने वाली गंभीर हड्डी संबंधी समस्याओं से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बरसात में बढ़ जाती हैं जोड़ों की समस्याएं
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अनिल कुशवाहा ने बताया कि वर्षा ऋतु में मांसपेशियों में ऐंठन, अकड़न और जोड़ों के दर्द की शिकायतें सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक बढ़ जाती हैं। उन्होंने लोगों को प्रतिदिन नियमित व्यायाम करने, पैदल चलने, शरीर को सक्रिय रखने तथा जहां तक संभव हो धूप लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि संतुलित और सादा भोजन भी हड्डियों एवं मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सेवा भावना से सफल हुआ शिविर
शिविर के सफल संचालन में अंशु जैन, दिव्या कुशवाहा, डॉ. रामनरेश यादव, जय रामदास, ममता जैन, कविता जैन एवं प्रियंका जैन ने सेवा भाव से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। मरीजों ने शिविर की व्यवस्थाओं और विशेषज्ञों द्वारा दिए गए परामर्श की सराहना की।
संपादकीय
हड्डियों की मजबूती ही स्वस्थ बुढ़ापे की सबसे बड़ी पूंजी
भारत में बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों और जोड़ों की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विशेष रूप से महिलाओं में रजोनिवृत्ति के बाद कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी गंभीर चुनौती बन जाती है। दुर्भाग्य से अधिकांश लोग तब चिकित्सक के पास पहुंचते हैं, जब बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है।
आगरा विकास मंच द्वारा नियमित रूप से लगाए जा रहे ऐसे निशुल्क शिविर केवल उपचार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं। यदि समय रहते संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त धूप और चिकित्सकीय सलाह को जीवन का हिस्सा बना लिया जाए, तो जोड़ों की अनेक गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
स्वस्थ हड्डियां केवल शरीर को सहारा नहीं देतीं, बल्कि जीवन के अंतिम पड़ाव तक आत्मनिर्भर बने रहने की शक्ति भी प्रदान करती हैं। इसलिए स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही सबसे प्रभावी उपचार है।
— डॉ. भानु प्रताप सिंह, संपादक
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