वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में 50 करोड़ रुपये मूल्य की पुश्तैनी ज़मीन को फर्जी तरीके से हथियाने का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) मनीष कुमार के कड़े आदेशों के बाद रोहनिया थाने में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह, तत्कालीन उपनिबंधक (सब-रजिस्ट्रार) अनिल कुमार और लिपिक सत्यांशु सिंह समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह वाद 5 जुलाई को दर्ज किया गया था, जिसके बाद से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
मोहनसराय निवासी पीड़िता प्रमिला मिश्रा ने न्यायालय को दिए अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके सेवानिवृत्त शिक्षक पति ओमप्रकाश मिश्रा पिछले दो वर्षों से किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और उन्हें सप्ताह में दो बार डायलिसिस के लिए अस्पताल जाना पड़ता है। पीड़िता का आरोप है कि उनके पति की बीमारी और उनकी लाचारी का फायदा उठाते हुए एक सुनियोजित साजिश रची गई।
इलाज के बहाने विश्वासघात
प्रार्थना पत्र के अनुसार, पीड़िता के रिश्तेदार विशाल मिश्रा और घरेलू चालक रवि उपाध्याय इलाज में सहयोग देने के बहाने उनके पति के करीब आए। उन्होंने आयुष्मान कार्ड बनवाने और इलाज का खर्च कम कराने का झांसा देकर उनका मोबाइल नंबर और पेंशन खाते से जुड़ा पंजीकृत मोबाइल नंबर बदलवा दिया। पीड़िता का कहना है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर उनकी करोड़ों की संपत्ति हड़प ली गई।
अस्पताल से सीधे रजिस्ट्री दफ्तर ले गए आरोपी
पीड़िता ने आरोप लगाया कि बीती 7 अप्रैल 2026 को विशाल मिश्रा और रवि उपाध्याय, ओमप्रकाश मिश्रा को डायलिसिस के लिए महमूरगंज स्थित एक अस्पताल ले गए। वहां से उन्हें सीधे गंगापुर स्थित उपनिबंधन कार्यालय ले जाया गया। उस समय शिक्षक ओमप्रकाश मिश्रा अर्धचेतन अवस्था में थे।
आरोप है कि तत्कालीन उपनिबंधक अनिल कुमार और निबंधन लिपिक सत्यांशु सिंह की मिलीभगत से वहां 660 वर्गमीटर ज़मीन का बैनामा नितेश राय के नाम करा दिया गया। इसके बाद दो दानपत्रों के जरिए लगभग 65 बिस्वा भूमि और एक व्यावसायिक गोदाम विशाल मिश्रा के नाम दर्ज करा दिए गए। पीड़िता के अनुसार, उसी रात उक्त संपत्ति को आगे बेच भी दिया गया।
आरोपियों का पक्ष
इस पूरे मामले पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह ने अपना पक्ष रखते हुए कहा, “पिता और पुत्र के बीच विवाद चल रहा था। इसी कारण पिता मेरे पास ज़मीन बेचने के लिए आए थे, लेकिन मैंने उन्हें मना कर दिया था। बाद में उन्होंने निबंधन कार्यालय में जाकर अपने रिश्तेदार को ज़मीन दान कर दी। मैंने उनके भतीजे से ज़मीन खरीदी है और जो कुछ भी हुआ है, वह पूरी तरह से नियमानुसार हुआ है।”
रोहनिया पुलिस ने कोर्ट के निर्देश पर विशाल मिश्रा, रवि उपाध्याय, वरुणापति उपाध्याय, नितेश राय, अजय कुमार तिवारी, प्रवीण कुमार सिंह, प्रशांत कुमार सिंह सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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