आगरा के पालीवाल पार्क में 75 लाख का ‘खिलौना’ ताले में बंद: बच्चे रेलिंग फांदकर खेलने को मजबूर, प्रशासन बेखबर

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आगरा: शहर का हृदयस्थल माने जाने वाले पालीवाल पार्क में बच्चों के मनोरंजन के लिए विकसित किया गया अत्याधुनिक चिल्ड्रेन पार्क प्रशासनिक उदासीनता का शिकार हो गया है। लगभग 75 लाख रुपये की लागत से तैयार इस बाल उद्यान का निर्माण कार्य पूरा हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन इसे अभी तक आम जनता के लिए नहीं खोला गया है। आलम यह है कि बच्चे और उनके अभिभावक बंद गेटों और ऊंची रेलिंग को फांदकर भीतर जाने को मजबूर हैं।

​औपचारिकता और फाइलों में उलझा प्रोजेक्ट

पर्यावरण प्रेमी एवं अधिवक्ता के.सी. जैन ने इस स्थिति पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने बताया कि जिला उद्यान समिति द्वारा स्वीकृत इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत आधुनिक झूले, सी-सॉ और अन्य खेल उपकरण स्थापित किए गए थे। हालांकि, उद्यान विभाग का तर्क है कि पार्क के एक कोने में स्थित जर्जर भवन के निस्तारण के अभाव में इसे नहीं खोला जा सकता। सवाल यह है कि बच्चों की सुविधा से जुड़े इस महत्वपूर्ण मामले को निदेशालय स्तर पर लंबित क्यों रखा गया है?

व्यवस्था की विफलता: रेलिंग फांदकर खेल रहे बच्चे

मंगलवार को के.सी. जैन ने मौके का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने पाया कि मुख्य गेट पर ताला लगा होने के बावजूद बच्चे जान जोखिम में डालकर लोहे की जालियां और रेलिंग फांदकर अंदर प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने इसे सीधे तौर पर प्रशासनिक विफलता बताया। उन्होंने कहा कि “यदि पार्क असुरक्षित है तो बच्चे अंदर कैसे जा रहे हैं? और यदि वे अंदर खेल रहे हैं, तो इसे आधिकारिक रूप से खोलने में बाधा क्या है?”

​गंदगी और अव्यवस्था का अंबार

पार्क के बाहर फैली गंदगी, प्लास्टिक कचरे के ढेर और अधूरी पड़ी जनसुविधाएं भी शहर की इस ऐतिहासिक धरोहर की बदहाली की कहानी कह रही हैं। अधिवक्ता के.सी. जैन ने नगर निगम से तत्काल सफाई अभियान चलाने और टूटे हुए फुटपाथों की मरम्मत की मांग की है।

​प्रशासन से सख्त मांगें:

​तत्काल उद्घाटन: बाल उद्यान को जनता के लिए तुरंत खोला जाए। यदि जर्जर भवन सुरक्षा का मुद्दा है, तो उस हिस्से को बैरिकेडिंग कर शेष पार्क को बच्चों के लिए समर्पित किया जाए।

​स्वच्छता और सुरक्षा: पार्क के बाहर कूड़े के ढेर हटाए जाएं और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था हो।

​अधूरी सुविधाओं का निस्तारण: पार्क में वर्षों से लंबित निर्माण कार्यों को पूरा कर वहां पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए।

​के.सी. जैन ने दो टूक शब्दों में कहा कि बच्चों की गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं, ऐसे में सार्वजनिक धन से बनी इस सुविधा को ताले में बंद रखना सरासर गलत है। प्रशासन को जल्द हस्तक्षेप कर इस चिल्ड्रेन पार्क को बच्चों को समर्पित करना चाहिए।

Dr. Bhanu Pratap Singh