वसंत पंचमी पर साहित्य, संस्कृति और साधना का विराट उत्सव
सारंग फाउंडेशन का भव्य कवि सम्मेलन एवं साहित्यकार सम्मान समारोह
Live Story Time, Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat.
आयोजन का स्वरूप और उद्देश्य
आगरा। वसंत पंचमी के पावन अवसर पर माँ सरस्वती के पूजन के साथ
साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक प्रकल्पों को समर्पित
सारंग फाउंडेशन द्वारा
23 जनवरी, शुक्रवार को पूर्वाह्न 12:30 बजे
द नंबरदार्स बैंक्विट, बोदला–सिकंदरा रोड पर
कवि सम्मेलन एवं साहित्यकार सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा।
यह कार्यक्रम साहित्य के माध्यम से समाज में चेतना, संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का प्रयास है।
मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर महापौर श्रीमती हेमलता दिवाकर मुख्य अतिथि रहेंगी।
विशिष्ट अतिथियों में श्री मनकामेश्वर मंदिर के महंत योगेश पुरी,
संस्कार भारती के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य बाँकेलाल गौड़,
दीनदयाल धाम के निदेशक सोनपाल जी,
सारंग फाउंडेशन के संरक्षक शिवराज शर्मा ‘शास्त्री’,
तपन ग्रुप के चेयरमैन समाजसेवी सुरेश चंद्र गर्ग तथा
सरस्वती विद्या मंदिर, दीनदयाल धाम के प्रबंधक नरेंद्र पाठक शामिल रहेंगे।
इनकी उपस्थिति कार्यक्रम को सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष ऊँचाई प्रदान करेगी।
कवि सम्मेलन में सशक्त साहित्यिक सान्निध्य
कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में
गीत ऋषि सोम ठाकुर,
एडवोकेट अशोक चौबे, डीजीसी
डॉ. रुचि चतुर्वेदी,
पवन आगरी,
पदम गौतम,
शशांक प्रभाकर,
आर्य राजेश यादव एवं
दीपांशु शम्स की प्रमुख उपस्थिति रहेगी।
इन रचनाकारों की कविताएँ समाज, संवेदना और समकालीन यथार्थ का जीवंत चित्र प्रस्तुत करेंगी।
संपादकीय
आज के भौतिकतावादी दौर में साहित्यिक आयोजनों की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है।
सारंग फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह कवि सम्मेलन
केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को वैचारिक ऊर्जा देने का सशक्त माध्यम है।
वसंत पंचमी ज्ञान, नवसृजन और चेतना का प्रतीक पर्व है।
ऐसे पावन दिन पर साहित्यकारों का सम्मान यह स्पष्ट करता है कि
कलम आज भी समाज की दिशा तय करने की ताकत रखती है।
कवि अपनी रचनाओं से समाज का आईना बनते हैं और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
आगरा जैसे ऐतिहासिक नगर में इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का कार्य करते हैं।
यह कार्यक्रम सिद्ध करता है कि साहित्य केवल शब्द नहीं, बल्कि
संस्कृति की आत्मा और राष्ट्र की चेतना है।
डॉ भानु प्रताप सिंह, संपादक
- बाबू जगजीवन राम की विरासत पर उपेक्षा के सवाल: आगरा में बिहार के राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन - February 15, 2026
- काशी विश्वनाथ में महाशिवरात्रि की धूम, 4 लाख श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक, सुरक्षा के कड़े इंतजाम - February 15, 2026
- Agra News: महाशिवरात्रि पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठी ताजनगरी - February 15, 2026