Mathura (Uttar Pradesh, India)। मथुरा। विशाक्त पदार्थ के सेवन से तीन युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गुरूवार की सुबह दो युवकों के शव नौहझील के रायपुर गांव पर बने इंट भट्टे पर बनी झौंपडी में मिले जबकि तीसरे ने उपचार के दौरान अस्पताल में दम तोड दिया। तीनों के मुहं से झाग निकल रहे थे। हालांकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की है और झोंपडी और उसके आसपास के सामान की भी बारीके से छानबीन की जा रही थी। वहीं असपास के लोगों और खुद पुलिस अधिकारियों को भी यही आशंका है कि जहरीली शराब पीने से तीनों की मौत हुई है।
तीन चार दिन से इन लोगों की तबियत खराब थी और मेडिकल स्टोर से दवा लेकर आये थे
सुबह पुलिस अधिकारी जहां मान रहे थे कि जहरीली शराब से मौत की आशंका है। वहीं दोहपर तक अधिकारियों के स्वर बदल गये। अधिकारियों ने बताया कि तीन चार दिन से इन लोगों की तबियत खराब थी और ये किसी चिकित्सक के पास गये थे और मेडिकल स्टोर से दवा लेकर आये थे। थाना नौहझील प्रभारी लोकेश भाटी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम उस मेडिकल स्टोर की पडताल कर रही है जहां से यह दवा ली गई थी।
तीनों मजदूर मलकरा थाना कतरास, जिला धनबाद (झारखंड) के रहने वाले थे
मजदूरों की मौत की सूचना से गांव और आसपास में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही एसपी देहता श्रीश चंद्र, सीओ सर्किल धर्मेन्द्र चौहान तथा एसडीएम मांट श्याम अवध चौहान भट्टे पर पहुंच गये। मृतकों में भीम पुत्र शरबत बाबरी उम्र 35 वर्ष, राजकुमार पुत्र शरबत बाबरी उम्र 32 वर्ष तथा रूपचंद पुत्र सुरेंद्र बाबरी उम्र 30 वर्ष हैं। भीम तथा राजकुमार सगे भाई हैं जबकि रूपचंद भीम और राजुकमार का साला था। तीनों मजदूर मलकरा थाना कतरास, जिला धनबाद (झारखंड) के रहने वाले थे।
13 नवम्बर को भी तीन लोगों की हुई थी जहरीली शराब से मौत
इससे पहले पिछले महीने 13 नवम्बर को भी बरसाना क्षेत्र में तीन लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हुई थी। तब जिला प्रशासन ने राजस्थान के भरतपुर जनपद के सीमावर्ती गांव से शराब लाकर पीने की बात कह कर मामले से पल्ला झाड लिया था। इसी दौरान प्रदेश में दूसरे कई स्थानों पर इसी तरह की घटनाएं होने के बाद जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित दूसरे अधिकारियों ने गांव की ओर दौड लगाई थी।
डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी मथुरा ने बताया कि तीनों मृतक नौहझील थाना क्षेत्र में स्थित ईंट भट्ठा पर काम करते थे और मूलरूप से तीनों मजदूर झारखंड के धनबाद जिले के रहने वाले थे। गुरुवार की सुबह दो मजदूर भट्ठे पर ही मृत अवस्था में मिले। तीसरे को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया, जहां उसकी भी मौत हो गई। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर ही मौत की वजह पता चल सकेगा।
श्रीश चंद्र एसपी देहात ने बताया कि परिजनों से जानकारी मिली है कि इन लोगों की तीन चार दिन से तबियत खराब थी। वह कल किसी चिकित्सक के यहां से दवा लेकर आये थे। वहां से आने के बाद उनकी तबियत और ज्यादा बिगड गई और उनकी मौत हो गई।
डा. मुकुंद बंसल, मुख्य चिकित्सक जिला चिकित्सालय ने बताया दो लोग रात्रि में मृत अवस्था में लाये गये थे। जबकि एक की बाद में मृत्यु हुई। प्रथम दृष्टया विशाक्त पदार्थ के सेवन का मामला प्रतीत हो रहा है।
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