भीषण गर्मी से मिलेगी राहत: 30 जून से प्रदेश में तेज होंगी मानसूनी गतिविधियां, तापमान में 7 से 10 डिग्री सेल्सियस तक आएगी गिरावट

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग ने सोमवार, 29 जून को प्रदेश के 66 जिलों के लिए गरज-चमक और वज्रपात (बिजली गिरने) का अलर्ट जारी किया है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में मानसून की दस्तक के लिए परिस्थितियां तेजी से अनुकूल हो रही हैं।

30 जून से बढ़ेगा मानसूनी बारिश का दौर

मौसम विभाग के अनुसार, 30 जून से उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां जोर पकड़ेंगी। जुलाई के पहले सप्ताह तक पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश होने के संकेत मिल रहे हैं। मानसून के सक्रिय होते ही प्रदेश भर के अधिकतम तापमान में 7 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की उल्लेखनीय गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे पिछले कई दिनों से जारी तपिश और उमस से बड़ी राहत मिलेगी।

​कुछ क्षेत्रों में अभी जारी रहेगी गर्मी

जहाँ एक ओर अधिकांश जिलों में बारिश और बादलों का दौर शुरू हो रहा है, वहीं मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले दो दिनों तक सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली जैसे दक्षिणी जिलों में तपिश भरी गर्मी का असर फिलहाल बरकरार रह सकता है। वहीं, तराई क्षेत्र के कुशीनगर, महाराजगंज और सिद्धार्थनगर में अच्छी बारिश का पूर्वानुमान है।

इन जिलों में है मेघगर्जन व वज्रपात की चेतावनी

मौसम विभाग ने जिन 66 जिलों में अलर्ट जारी किया है, उनमें मध्य और अवध क्षेत्र में लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, सीतापुर, हरदोई, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव।

पश्चिमी यूपी के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं और ​पूर्वी और बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर प्रमुख हैं।

प्रशासन ने इन जिलों के निवासियों को सतर्क रहने और गरज-चमक व वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी है।

Dr. Bhanu Pratap Singh