आगरा-जयपुर रेलमार्ग पर खत्म होगा ‘सिंगल लाइन’ का झंझट, ₹1387 करोड़ की दोहरीकरण परियोजना को मिली रफ्तार, 2026 में बदल जाएगा सफर

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आगरा। आगरा–जयपुर रेलमार्ग पर भरतपुर से बांदीकुई के बीच चल रहा दोहरीकरण कार्य अब केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान के यातायात व आर्थिक विकास को नई रफ्तार देने वाला अहम कदम साबित होने जा रहा है। इस मार्ग पर दूसरी रेल लाइन बिछने से यात्रियों को तेज, सुगम और निर्बाध सफर मिलेगा, वहीं मालगाड़ियों की संख्या बढ़ने से औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

भरतपुर–बांदीकुई सेक्शन पर कई स्थानों पर ट्रैक बिछाने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। रेलवे लाइन के आसपास भूमि समतलीकरण का कार्य पहले ही शुरू हो चुका है, जिससे परियोजना के धरातल पर उतरने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं।

रेलवे की योजना जुलाई 2026 तक इस रूट पर ट्रेनों का संचालन शुरू करने की है। हालांकि प्लेटफार्म विस्तार और स्टेशन विकास जैसे कुछ कार्य अभी शेष हैं, जिसके चलते समय-सीमा में मामूली बदलाव संभव है। परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो वर्ष 2026 के अंत तक पूरा सेक्शन पूरी तरह चालू हो सकता है।

फिलहाल बांदीकुई से आगरा की यात्रा में यात्रियों को लगभग चार घंटे का समय लगता है। दोहरीकरण पूरा होने के बाद यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं, जिनके लिए यह परियोजना बड़ी राहत साबित होगी।

आगरा से बांदीकुई तक दोहरीकरण परियोजना पर करीब 1387 करोड़ रुपये की लागत आएगी। चालू वित्तीय वर्ष के बजट में इसके लिए 70 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बांदीकुई से जयपुर तक पहले से ही डबल रेल लाइन मौजूद है। आगरा तक डबल लाइन जुड़ते ही यह पूरा रूट सुपरफास्ट रेल कॉरिडोर का स्वरूप ले लेगा। उल्लेखनीय है कि आगरा–बांदीकुई सिंगल लाइन का विद्युतीकरण वर्ष 2021 में ही पूरा हो चुका है, जिससे तेज गति से ट्रेन संचालन की तकनीकी तैयारी पहले से उपलब्ध है।

वर्तमान में इस रूट से प्रतिदिन 20 से 25 मालगाड़ियां और 16 पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं। दोहरीकरण के बाद ट्रेनों की संख्या बढ़ाना आसान होगा, संचालन अधिक सुचारू बनेगा और समयपालन में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

रेलवे का लक्ष्य वर्ष 2026 के अंत तक इस दोहरीकरण परियोजना को पूर्ण करने का है। कार्य जिस गति से आगे बढ़ रहा है, उसे देखते हुए अगले वर्ष के मध्य तक ट्रेनों के संचालन की शुरुआत की उम्मीद जताई जा रही है।

Dr. Bhanu Pratap Singh