मध्य पूर्व में हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण होते नजर आ रहे हैं। ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि इस्लामिक गणराज्य ईरान पर किसी भी तरह का हमला किया गया, तो इसका जवाब सीधे अमेरिकी सेना और इस्राइल को निशाना बनाकर दिया जाएगा। यह बयान ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालिबाफ की ओर से सामने आया है।
कालिबाफ ने यह चेतावनी ऐसे समय दी है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों को लेकर सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं। इस बयान को इसलिए भी असाधारण माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार ईरान ने संभावित जवाबी कार्रवाई की सूची में इस्राइल को भी खुलकर शामिल किया है। इससे पहले ईरानी नेतृत्व आमतौर पर केवल अमेरिका तक ही अपने कड़े संदेश सीमित रखता था।
संसद में गूंजे अमेरिका विरोधी नारे
चेतावनी के दौरान ईरानी संसद का माहौल भी खासा उग्र रहा। सत्र के दौरान कई सांसद ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए आसन के पास पहुंच गए। इस घटनाक्रम ने यह संकेत दिया कि अमेरिका के प्रति ईरान के राजनीतिक नेतृत्व और संसद के भीतर गुस्सा अपने चरम पर है.
क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा बढ़ा
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता टकराव पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। हालात बिगड़ने की स्थिति में इसका असर केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय फिलहाल दोनों देशों के अगले कदम पर करीबी नजर बनाए हुए है.
ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शन
इसी बीच ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार दूसरे सप्ताह भी जारी रहे। हिंसक झड़पों में अब तक कम से कम 116 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी’ के अनुसार, 2,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।
प्रदर्शनों के चलते ईरान में इंटरनेट और फोन सेवाएं बाधित कर दी गई हैं, जिससे वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलना मुश्किल हो गया है। ईरान का सरकारी टेलीविजन प्रदर्शनकारियों को ‘आतंकवादी’ करार दे रहा है, हालांकि उसने यह स्वीकार किया है कि तेहरान और मशहद समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
कड़ी कार्रवाई के संकेत
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनों को लेकर सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। वहीं, अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी है कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों को ‘अल्लाह का शत्रु’ मानते हुए मृत्युदंड तक की सजा दी जा सकती है.
अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि ईरान आज़ादी चाहता है और अमेरिका मदद के लिए तैयार है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप को ईरान पर हमले के लिए सैन्य विकल्प सुझाए गए हैं, हालांकि अभी तक अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
कुल मिलाकर, ईरान-अमेरिका टकराव एक ऐसे मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है, जहां किसी भी गलत कदम से हालात और ज्यादा विस्फोटक हो सकते हैं।
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