हापुड़। उत्तर प्रदेश वन विभाग और वाइल्डलाइफ एसओएस (Wildlife SOS) के एक संयुक्त और साहसिक अभियान में हापुड़ के हवीशपुर बिगास गांव से एक मादा तेंदुए को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। यह तेंदुआ शिकारियों द्वारा बिछाए गए लोहे के एक घातक जाल (Snare) में फंसी हुई थी।
किसानों की सतर्कता ने बचाई जान
सोमवार को हवीशपुर के सरसों के खेत में काम कर रहे किसानों ने सबसे पहले तेंदुए को दर्द में छटपटाते देखा। उसका अगला बायां पैर लोहे के जाल में बुरी तरह फंसा हुआ था। ग्रामीणों की त्वरित सूचना पर वन विभाग और वाइल्डलाइफ एसओएस की 8 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम और पशु चिकित्सक तुरंत मौके पर पहुंचे।
4 घंटे चला पेचीदा रेस्क्यू ऑपरेशन
तेंदुए की सुरक्षा और ग्रामीणों के बीच तनाव को देखते हुए टीम ने बेहद सावधानी से योजना बनाई। करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए को जाल से मुक्त कर सुरक्षित पिंजरे में लाया गया। वाइल्डलाइफ एसओएस के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राहुल प्रसाद ने बताया कि तेंदुए के पैर में मामूली चोटें थीं, जिनका मौके पर ही उपचार कर उसे दर्द निवारक दवाएं दी गईं।
प्राकृतिक आवास में वापसी
रेस्क्यू के बाद मादा तेंदुए को एक दिन तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। उसकी भूख और गतिविधि सामान्य पाए जाने पर उसे उत्तर प्रदेश के शिवालिक स्थित बड़कला वन क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
शिकारियों को कड़ी चेतावनी
मेरठ ज़ोन के वन संरक्षक, आदर्श कुमार (IFS) ने कहा कि ऐसे गुप्त जाल न केवल जानवरों बल्कि खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए भी बेहद खतरनाक हैं। वहीं, वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर बैजूराज एम.वी. ने स्पष्ट किया कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत ऐसे क्रूर उपकरणों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है और विभाग इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
- आगरा में सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: कमला नगर पुलिस ने लोहिया नगर में मारा छापा, पांच आरोपी गिरफ्तार, मुख्य सरगना फरार - September 29, 2026
- Agra News: पैर में फ्रैक्चर होने के कारण सीढ़ियां नहीं चढ़ सकी महिला, एसीपी इमरान अहमद ने जमीन पर बैठकर सुनी फरियाद - September 29, 2026
- आगरा में खूनी संघर्ष: नशे में हंगामा करने से रोकने पर देवर ने महिला के पेट में घोंपा चाकू, तीन मासूमों के सिर से उठा मां का साया - September 29, 2026