जीएसटी रिफंड में हेराफेरी कर सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाने का मामला सामने आने पर शुक्रवार को वाराणसी से केंद्रीय जीएसटी की एक टीम नौतनवा पहुंची। नगर पालिका परिषद क्षेत्र के गांधी नगर वार्ड में स्थित एक फर्म पर यह कार्रवाई की गई।
टीम का नेतृत्व कर रहे जीएसटी अधीक्षक आलोक श्रीवास्तव के अनुसार, राजकुमार जायसवाल नामक व्यक्ति के नाम पर नौतनवा में जीएसटी रजिस्टर्ड फर्म संचालित है। इस फर्म के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक सामान, पेंट, मशीनरी सहित विभिन्न सामग्रियों के फर्जी बिल बनाकर उन्हें नेपाल निर्यात दिखाया गया और इस आधार पर सरकार से लाखों रुपये का टैक्स रिफंड प्राप्त किया गया।
सूचना के आधार पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर टीम राजकुमार जायसवाल के आवास पहुंची। हालांकि, उस समय वे घर पर मौजूद नहीं थे, इसलिए टीम ने उनके पुत्र अजय जायसवाल से पूछताछ की। पूछताछ में यह बात सामने आई कि राजकुमार जायसवाल का पैन कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को दिया गया था, जिसके बदले उन्हें ₹10,000 प्रतिमाह मिलते थे।
पूरे मामले में फर्म स्वामी ने स्वयं को अनभिज्ञ बताते हुए पल्ला झाड़ लिया। टीम ने मौके पर समन जारी कर सोनौली कस्बे में पहुंच गई जहां एक और फॉर्म की घंटो जांच पड़ताल किया।
अधीक्षक आलोक श्रीवास्तव के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में मामला सिर्फ रिफंड हेराफेरी का नहीं, बल्कि गंभीर फर्जीवाड़े से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। मामले की हर पहलू से विस्तृत जांच की जा रही है।
-साभार सहित
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