आगरा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में रविवार को ताजनगरी में नारी शक्ति को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति सजग बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संजय कुमार मलिक के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जनपद के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर ‘विधिक जागरूकता शिविर’ आयोजित किए गए।
निशुल्क कानूनी सहायता और अधिकारों का ज्ञान
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव विनीता सिंह-1 के निर्देशन में पराविधिक स्वयंसेवक (PLV) श्रीमती आकांक्षा त्रिपाठी एवं उनकी टीम ने महिलाओं के बीच पहुँचकर उन्हें महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। शिविर में महिलाओं को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं, लैंगिक समानता, और सशक्तिकरण के कानूनी पहलुओं से अवगत कराया गया।
स्वयंसेवकों ने बताया कि यह दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्षों को सम्मान देने और उन्हें समाज में बराबरी का हक दिलाने का संकल्प है। महिलाओं को विशेष रूप से ‘निशुल्क विधिक सहायता’ प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया गया, ताकि आर्थिक तंगी किसी के न्याय में बाधा न बने।
14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का बड़ा अवसर
जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ सचिव विनीता सिंह-1 ने एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से आम जनता से अपील की कि आगामी 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
सचिव ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से लोग अपने लंबित वादों का आपसी सहमति से त्वरित और निशुल्क निस्तारण करा सकते हैं। उन्होंने मीडिया से इस अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोग करने का आग्रह किया ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक इस लोक अदालत का लाभ पहुँच सके।
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