आगरा की तनीषा ने पहले प्रयास में मारी बाजी: बिना कोचिंग बनीं UPSC टॉपर, इंजीनियरिंग छोड़ चुनी देश सेवा

स्थानीय समाचार

आगरा। ताजनगरी की एक और बेटी ने देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) में सफलता का परचम लहराया है। शहर के दहतोरा रोड स्थित बृज द्वारिका कॉलोनी की रहने वाली तनीषा ने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर जिले का नाम रोशन किया है। तनीषा की इस उपलब्धि की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने बिना किसी महंगे कोचिंग संस्थान के, घर पर रहकर ऑनलाइन संसाधनों के माध्यम से यह मुकाम हासिल किया।

​नौकरी के साथ जारी रखा संघर्ष

तनीषा की शैक्षणिक यात्रा शुरू से ही शानदार रही है। कानपुर के प्रतिष्ठित एचबीटीआई (HBTI) संस्थान से बीटेक करने के बाद उनका चयन रिलायंस इंडस्ट्रीज में बतौर प्रोसेस इंजीनियर हुआ था। कॉर्पोरेट क्षेत्र में सफल करियर होने के बावजूद तनीषा के मन में देश सेवा का जज्बा बरकरार था। उन्होंने नौकरी की व्यस्तता के बीच ही प्रशासनिक सेवा की तैयारी शुरू की और अनुशासन के साथ स्वाध्याय (Self Study) पर ध्यान केंद्रित किया।

​शुरू से ही रही हैं ‘गोल्डन गर्ल’

​तनीषा बचपन से ही मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने अपनी हाईस्कूल परीक्षा में 88 प्रतिशत और इंटरमीडिएट (PCM) में 95 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। उनके पिता हीरा सिंह वर्तमान में राजस्व विभाग में राजस्व निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। तनीषा बताती हैं कि घर के प्रशासनिक और अनुशासित माहौल ने उन्हें शुरू से ही लोक सेवा की ओर आकर्षित किया।

​ऑनलाइन पढ़ाई बनी सफलता का आधार

आज के दौर में जहाँ छात्र कोचिंग संस्थानों पर निर्भर रहते हैं, वहीं तनीषा ने डिजिटल इंडिया की ताकत का इस्तेमाल किया। उन्होंने किसी कोचिंग का सहारा लेने के बजाय इंटरनेट और ऑनलाइन स्टडी मटेरियल को अपना हथियार बनाया। पहले ही प्रयास में सफलता पाकर उन्होंने साबित कर दिया कि सही दिशा और दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो घर बैठे भी सफलता के शिखर पर पहुँचा जा सकता है।

​कॉलोनी और परिवार में जश्न

जैसे ही यूपीएससी का परिणाम घोषित हुआ, तनीषा के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। बृज द्वारिका कॉलोनी में मिठाइयाँ बांटी गईं और ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मनाई गई। परिजनों ने तनीषा को फूल-मालाओं से लाद दिया।

तनीषा की इस सफलता ने आगरा के उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा पेश की है जो सीमित संसाधनों में बड़े सपने देखते हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh