लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में धांधली का गंभीर आरोप लगाते हुए सनसनी फैला दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक बीएलओ (BLO) का वीडियो साझा करते हुए उन्होंने दावा किया कि भाजपा और उनके सहयोगी अपराधियों की तरह व्यवहार कर रहे हैं और अधिकारियों पर दबाव बनाकर अल्पसंख्यक व पीडीए (PDA) समाज के वोट कटवा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट से ‘न्याय’ की गुहार
अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर देश की सर्वोच्च अदालत से हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने लिखा, “सर्वोच्च न्यायालय तत्काल संज्ञान ले, क्योंकि अब और किसी से उम्मीद नहीं बची है।” सपा प्रमुख ने मांग की है कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए इस्तेमाल होने वाले ‘फॉर्म-7’ के दुरुपयोग को तुरंत रोका जाए और अब तक जमा किए गए सभी फॉर्म-7 को निरस्त किया जाए। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच की मांग करते हुए इसे ‘देश विरोधी ताकतों’ की साजिश करार दिया।
“बीजेपी के चूल्हे बुझ चुके हैं”
अपनी ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की अवधारणा को धार देते हुए अखिलेश ने कहा कि पीडीए अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि पीड़ा से बंधा एक भावनात्मक विचार है। उन्होंने सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि नफरत की राजनीति करने वालों के चूल्हे अब बुझ चुके हैं और उनकी आंच राख बन गई है। उन्होंने दावा किया कि हर समाज के 95% पीड़ित लोग अब अपनी खुद की ‘पीडीए सरकार’ बनाने के लिए एकजुट हो रहे हैं।
कार्यकर्ताओं और अधिकारियों से अपील
अखिलेश ने ‘पीडीए प्रहरियों’ (कार्यकर्ताओं) से अपील की है कि वे हर वैध वोट को बचाने के लिए मुस्तैद रहें और भाजपा की धांधली के सबूत इकट्ठा कर उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराएं। साथ ही उन्होंने ईमानदार अधिकारियों और पत्रकारों से भी देश विरोधी ताकतों के खिलाफ साथ देने का आह्वान किया।
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