लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सोमनाथ मंदिर भारत के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पिछले एक हजार वर्षों का इतिहास इस सत्य का साक्षी है कि विदेशी आक्रांताओं की घृणा, कट्टरता और विध्वंस की नीतियों के सामने भी भारतीय आस्था, साहस और सृजनशीलता की अमर शक्ति अडिग रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सोमनाथ का जो भव्य स्वरूप देश-दुनिया देख रही है, वह सरदार वल्लभभाई पटेल की निष्ठा, डॉ. राजेंद्र प्रसाद की आस्था, के.एम. मुंशी की जिजीविषा और लाखों सनातन धर्मावलंबियों के त्याग व बलिदान का प्रतिफल है। यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और आत्मसम्मान का प्रतीक भी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘नया भारत’ आज ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के रूप में सनातन संस्कृति के गौरव का उत्सव मना रहा है। यह पर्व इस बात का प्रतीक है कि विध्वंस के प्रयास कितने भी बड़े क्यों न हों, सत्य और संस्कृति को पराजित नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ भारतीय सभ्यता की निरंतरता, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय आत्मगौरव का संदेश देता है। उन्होंने सनातन संस्कृति के अभिवर्धन के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेने का मार्ग प्रशस्त करता है।
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