आगरा। एस.एन. मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी) आगरा ने कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कॉलेज में पहली बार एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट (ASD) यानी दिल में मौजूद जन्मजात छेद को डिवाइस क्लोज़र तकनीक से सफलतापूर्वक बंद किया गया। खास बात यह रही कि यह पूरी प्रक्रिया बिना ओपन हार्ट सर्जरी के संपन्न हुई, जिससे मरीज को बड़े ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़ी।
यह जटिल प्रक्रिया कॉलेज के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. हिमांशु यादव और उनकी टीम ने बिना किसी बाहरी विशेषज्ञ की मदद के सफलतापूर्वक पूरी की। उपचार के बाद मरीज की हालत स्थिर और संतोषजनक बताई जा रही है, साथ ही मरीज तेजी से रिकवरी कर रहा है।
डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि ASD डिवाइस क्लोज़र एक आधुनिक और सुरक्षित तकनीक है, जिसमें दिल के अंदर मौजूद छेद को विशेष डिवाइस के जरिए बंद किया जाता है। इस प्रक्रिया में शरीर में बड़े चीरे लगाने या लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने जैसी परेशानियां काफी कम हो जाती हैं।
कॉलेज के प्राचार्य एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने इस उपलब्धि पर टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता आगरा और आसपास के जिलों के मरीजों के लिए बड़ी राहत है। अब ऐसे मरीजों को इलाज के लिए महंगे निजी अस्पतालों या बड़े महानगरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि एसएनएमसी की बढ़ती चिकित्सकीय क्षमता और डॉक्टरों की विशेषज्ञता के चलते सरकारी संस्थान में भी अब उच्च स्तरीय आधुनिक इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
ASD डिवाइस क्लोज़र की इस सफलता के बाद हृदय रोगियों को कम जोखिम, कम खर्च और कम समय में बेहतर इलाज का लाभ मिल सकेगा। यह उपलब्धि आगरा के स्वास्थ्य सेवाओं में एक नए अध्याय के रूप में देखी जा रही है।
- बिहार की बेटी को न्याय कब? तेज प्रताप यादव ने लिखा पीएम मोदी और सीएम योगी को पत्र, स्नेहा सिंह हत्याकांड में खोला मोर्चा - January 21, 2026
- आगरा में गूंजेगा साइरन: 23 जनवरी को पुलिस लाइन में होगी ‘ब्लैक आउट’ मॉक ड्रिल, हवाई हमले से बचाव का होगा अभ्यास - January 21, 2026
- आगरा-अलीगढ़ मंडल की स्वास्थ्य सेवाओं पर मिशन निदेशक सख्त, लापरवाह अधिकारियों को वेतन रोकने की चेतावनी - January 21, 2026