Agra, Uttar Pradesh, India. अभियान फाउंडेशन द्वारा हिन्दू धर्मरक्षक गुरु गोविन्द सिंह जी और उनके चार वीर पुत्रों के बलिदान को लेकर अभियान फाउंडेशन द्वारा ‘सरहिन्द पंजाब श्रद्धांजलि यात्रा’ आगरा किले से फतेहगढ़ साहिब ‘सरहिन्द पंजाब’ तक आयोजित की जा रही है। यात्रा का शुभारंभ आगरा किला पर आय़ोजित भव्य समारोह में किया गया। आगरा सीमा में यात्रा का स्थान-स्थान पर स्वागत किया गया। इस दौरान ‘जो बोले से निहाल सत श्रीअकाल’ की गूंज होती रही। शंख ध्वनि हुई तो वातारण भक्तिमय हो गया। गुरुओं के बलिदान को याद किया। इस यात्रा के माध्यम से केन्द्र सरकार से सात मांगें की जा रही हैं। यह चार राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब जाएगी।
धर्मगुरुओं की मौजूदगी में आगरा किला पर बने भव्य मंच से केंद्र सरकार से मांग उठाई गई कि गुरु गोबिंद सिंह और उनके परिवार के बलिदान को देश के इतिहास में प्रमुखता से शामिल कर उन्हें यथोचित सम्मान प्रदान किया जाए। आगरा से पंजाब तक कई जगहों पर सभाएं होंगी। इधर आगरा किला से आरंभ हुई यात्रा का आगरावासी जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत कर रहे हैं। हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी कराए जाने की तैयारी है। साथ ही गुरुद्वारा गुरु के ताल पर तोप से निशान साहिब बनाया जाएगा। पूरे शहर में आज अलग माहौल नजर आ रहा है।

अभियान फाउंडेशन के बैनर तले रवि दुबे के नेतृत्व में यह यात्रा निकाली जा रही है। शुक्रवार सुबह आगरा किला पर यात्रा की शुरुआत हुई। यहां संयोजक रवि दुबे ने यात्रा के उद्देश्य से अवगत कराया। अभियान के अध्यक्ष और यात्रा के संयोजक रवि दुबे ने बताया कि चार दिवसीय ‘सरहिन्द पंजाब यात्रा’ हिन्दु धर्मरक्षक गुरू गोविन्द सिंह जी और उनके चार वीर पुत्रों बाबा अजीत सिंह, बाबा जु़झारु सिंह, बाबा ज़ोरावर सिंह, बाबा फ़तेहसिंह के शहीदी दिवस पर 28 दिसम्बर को फतेहगढ़ सहिब में आयोजित कीर्तन दरबार में मत्था टेक कर फतेहगढ़ साहिब की पवित्र भूमि से केन्द्र सरकार से आहवान करेगी।
इस अवसर पर गुरुद्वारा गुरु का ताल के मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह, श्री मन:कामेश्वर मंदिर के महंत योगेश पुरी, गुरनाम सिंह, शांति दूत बंटी ग्रोवर आदि ने विचार व्यक्त किए। इसके बाद जोशीले अंदाज में शंखनाद और पुष्प वर्षा के साथ यात्रा आरंभ हुई। बिजलीघर, छीपीटोला, एमजी रोड होते हुए यात्रा गुरुदवारा गुरु का ताल पहुंची। वहां से आगे बढ़ेगी। इस दौरान जगह-जगह लोगों ने स्वागत किया। यात्रा को आगरा राइडर्स बुलेट मोटर साइकिल क्लब के सदस्य एस्कार्ट कर रहे हैं। इसके अलावा भी सैकड़ों की संख्या में मोटरसाइिकल व स्कूटर से युवा भी साथ चल रहे हैं। गुरुद्वारा गुरु के ताल पर भी भव्य समारोह किया गया।

एमजी रोड के हर चौराहे पर यात्रा का स्वागत किया गया। आगरा कॉलेज के सामने श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी के कार्यालय पर आगरा विकास मंच ने जोरदार स्वागत किया। सरोपा भेंट किया। सभी को दुपट्टा पहनाया। आगरा विकास मंच के अध्यक्ष राजुकमार जैन, संयोजक सुनील कुमार जैन, महामंत्री सुशील जैन, विमल जैन, प्रवक्ता संदेश जैन, महेन्द्र जैन, विजय सेतिया, जयराम दास, पंकज अग्रवाल आदि ने यात्रा में शामिल हस्तियों का जोरदार स्वागत किया। गुरुदवारा गुरु का ताल के गुरनाम सिंह, यात्रा संयोजक रवि दुबे, शांति दूत बंटी ग्रोवर, संक्रेश शर्मा समेत सभी को यात्रा के लिए बधाई दी गई। यात्रा में सबसे आगे मोटर साइकिल सवार हैं। सबको गुलाब के पुष्प दिए गए। श्री जैन ने कहा कि पहली बार गुरु गोबिन्द सिंह के साहिबजादों का इस तरह से स्मरण किया जा रहा है। उनका बलिदान सदा याद रखा जाएगा। मांग की कि गुरु गोबिंद सिंह और उनके परिवार के बलिदान को देश के इतिहास में प्रमुखता से शामिल किया जाए। स्कूली पाठ्यक्रम में भी शामिल हो। उन्होंने सभी सात मांगों का समर्थन किया।
यात्रा प्रभारी बंटी ग्रोवर एवं फाउंडेशन के सचिव एवं सह संयोजक संक्रेश शर्मा ने बताया कि यात्रा में गुरुद्वारा गुरु के ताल के श्री गुरुनाम सिंह जी इस पवित्र यात्रा में अपने साथियों के साथ प्रमुख रूप से उपस्थित हैं। सह संयोजक भूपेंद्र ठाकुर ने बताया कि आगरा से फतेहगढ़ साहिब तक यात्रा के उद्देश्यों व संकल्पों की जानकारी व संवाद विशेष रूप से तैयार आकर्षक व भव्य रथ से किया जाएगा। रास्ते के दौरान अलग-अलग जगहों पर रथ पर बने मंच के माध्यम से आयोजक, स्वागतकर्ता व समाज के प्रबुद्धजन अपनी बात रखेंगे।

मीडिया प्रभारी आशीष शर्मा ने बताया कि यात्रा के साथ इस समय गिरधारी लाल भगत्यानी, मास्टर गुरनाम सिंह, सुधीर बैंड से रिक्की शर्मा, गप्पू शर्मा, संजय दुबे, अवनीश सिंह, प्रशांत गोयल, संदीप राजपूत, जीतू सिंह, अंकित बाथम, अंकित कश्यप, प्रशान्त आदि साथ चल रहे हैं।
ये हैं मांगें
1.बाल दिवस 14 नवम्बर की जगह गुरु गोविन्द सिंह जी के शहीद पुत्रों की स्मृति में शहीदी दिवस 26 दिसम्बर किया जाए।
2.कक्षा 6 वीं से 8 वीं कक्षा तक के शैक्षिक पाठ्यक्रमों व सभी बोर्ड के पाठ्यक्रम में ‘चमकौर युद्ध’ को शामिल किया जाए।
3.फतेहगढ़ साहिब से लेकर पटना साहिब तक एनएच-2 का नाम ‘माता गुजर कौर राजमार्ग’ किया जाए।
4.गुरु गोविन्द सिंह जी व उनके परिवार का चरित्र 10वीं से 12वीं कक्षा तक के सभी पाठ्यक्रमों व सभी बोर्ड में शमिल किया जाए।
5.चमकौर तथा फतेहगढ़ साहिब ‘सरहिन्द पंजाब’ में अन्तराष्ट्रीय स्तर का स्मारक गुरूगोविन्द सिंह जी के चारो पुत्रों की स्मृति में बनाया जाये।
6.भविष्य में कोई भी नया उपग्रह, लड़ाकू विमान, अथवा नए वैज्ञानिक अविष्कार का नामकरण गुरु गोविन्द सिंह के चारों शहीद पुत्र बाबा अजीत सिंह, बाबा जु़झारू सिंह, बाबा ज़ोरावर सिंह, बाबा फ़तेहसिंह के नाम पर किया जाए
7.गुरु तेग बहादुर सिंह जी के 400वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में दिल्ली मेट्रो के ‘राजीव चौक’ स्टेशन का नाम बदलकर ‘गुरु तेग बहादुर चौक’ किया जाए।
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