महाराष्ट्र के नागपुर में आज उस वक्त तनाव फैल गया, जब भारत मुक्ति मोर्चे के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने संघ मुख्यालय घेरने की कोशिश की। इसके बाद क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है। कुछ को हिरासत में लिया गया।
नागपुर के पुलिस आयुक्त ने बताया कि मोर्चे ने आज रैली या मार्च निकालने की इजाजत मांगी थी लेकिन कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण अनुमति नहीं दी गई। चूंकि कार्यकर्ता सहयोग नहीं कर रहे थे, इसलिए हमने जरीपटका और पंचपाओली इलाकों में धारा 144 लागू कर दी। कुछ नेताओं को हिरासत में लिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने भारत मुक्ति मोर्चा के 200 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। बता दें कि मोर्चे के अध्यक्ष वामन मेश्राम ने आज नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय के घेराव का एलान किया था।
आरएसएस पर संविधान विरोधी होने का आरोप
भारत मुक्ति मोर्चा का कहना है कि आरएसएस संविधान विरोधी है, इसलिए संविधान की रक्षा और देश के मूल निवासियों के मूलभूत अधिकारों को बचाने के लिए नागपुर में संघ मुख्यालय पर आंदोलन का आह्वान किया गया है। एलान के मुताबिक नागपुर के बेजनबाग और इंदोरा से मोर्चा महाल इलाके में स्थित संघ मुख्यालय तक जाने वाला था, लेकिन पुलिस ने इसके पहले ही इसे रोक दिया।
मोर्चे ने संघ मुख्यालय पर घेराव के लिए पुलिस की अनुमति नहीं मिलने पर हाईकोर्ट की भी शरण ली थी, लेकिन उसने भी आज आंदोलन की इजाजत नहीं दी थी। इसके बावजूद आज सुबह से ही भारत मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता आंदोलन करने पर और संघ मुख्यालय के घेराव पर अड़े हुए थे। पहले पुलिस ने मोर्चा के कार्यकर्ताओ को समझाने की कोशिश की, लेकिन सैकड़ों कार्यकर्ता जिद पर अड़े रहे। इस पर पुलिस ने उनकी धरपकड़ शुरू कर दी
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