डॉ. भानु प्रताप सिंह
Live Story Time
Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat. 2007 के चुनाव में बाह विधानसभा क्षेत्र से राजा अरिदमन सिंह को हराकर इतिहास बनाने वाले मधुसूदन शर्मा के बारे में नई खबर आ रही है। वे समाजवादी पार्टी की साइकिल से उतरकर भारतीय जनता पार्टी का कमल का फूल थामने वाले हैं। अगले दो-तीन दिन में घोषणा हो जाने की उम्मीद है। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी के ही लाल सिंह लोधी भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
सूत्रों ने बताया कि इस समय भाजपा उन सभी लोगों को पार्टी में शामिल कर रही है जो किसी भी रूप में खतरा हो सकते हैं। इसी कारण आगरा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र और आगरा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके कांग्रेस के उपेंद्र सिंह जाटव को भाजपा में शामिल किया गया। कांग्रेस के पास अब कोई दमदार नेता नहीं है।
बाह विधानसभा क्षेत्र में मधुसूदन शर्मा कुछ बिगाड़ खाता कर सकते थे। इस कारण उन्हें भी भाजपा में शामिल किया जा रहा है। मधुसूदन शर्मा ने बाह विधानसभा क्षेत्र का चुनाव बहुजन समाज पार्टी की टिकट पर लड़ा था। 2007 के बाद उन्होंने 2012 का चुनाव भी बसपा की टिकट पर लड़ा और दूसरे नम्बर पर रहे। 2017 में बसपा की टिकट पर फिर मैदान में आए और दूसरे स्थान पर रहे। 2022 में बाह से ही समाजवादी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन तीसरे स्थान पर खिसक गए।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष लाल सिंह लोधी फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे भी 2027 का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। वे भी भारतीय जनता पार्टी में आ रहे हैं।
मधुसूदन शर्मा और लाल सिंह लोधी के भाजपा में शामिल होने का लाभ फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी राजकुमार चाहर को होने वाला है। जाहिर है कि वे ही प्रयास करके दोनों नेताओं को अपने साथ ला रहे होंगे। उनसे इस संबंध में बात नहीं हो पाई। इस बारे में पूछे जाने पर भाजपा के जिलाध्यक्ष गिर्राज सिंह कुशवाहा ने कहा, “हां, मधुसूदन शर्मा और लाल सिंह लोधी हमारी पार्टी में शामिल होंगे। इनके अलावा भी कई नेता आ रहे हैं।”
- Agra News: टीका उत्सव 1 से 31 दिसंबर तक, छूटे हुए बच्चों को टीकाकरण से जोड़ने पर जोर - November 30, 2025
- यूपी में सोमवार से बढ़ सकती है ठंड, कई जिलों में कोहरे के आसार - November 30, 2025
- Agra News: सर्वोदय विद्यालय का अंतरराष्ट्रीय मंच पर परचम, वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में गोल्ड और सिल्वर जीतकर रचा इतिहास - November 30, 2025