गणतंत्र दिवस 2026: कर्तव्य पथ पर दिखेगी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गूंज; आसमान में सजेगा ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ और पहली बार कदमताल करेगी ‘भैरव बटालियन’

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नई दिल्ली। इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में देश की सैन्य शक्ति और रणनीतिक क्षमताओं की विशेष झलक देखने को मिलेगी। कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली परेड में जहां भारतीय वायुसेना के विमान अलग-अलग फॉर्मेशन में फ्लाईपास्ट करेंगे, वहीं सेना की नवगठित भैरव बटालियन भी परेड का हिस्सा बनेगी। इस बार फ्लाईपास्ट का प्रमुख आकर्षण ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ होगा, जिसके जरिए ऑपरेशन सिंदूर की प्रतीकात्मक झलक प्रस्तुत की जाएगी।

सिंदूर फॉर्मेशन में उड़ेंगे सात से अधिक विमान

गणतंत्र दिवस पर जब वायुसेना के लड़ाकू विमान कर्तव्य पथ के ऊपर से गुजरेंगे, तब विभिन्न फॉर्मेशन के साथ एक विशेष ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ भी देखने को मिलेगा। इस फॉर्मेशन में कम से कम सात एयरक्राफ्ट शामिल होंगे। इनमें वे फाइटर जेट भी रहेंगे, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अहम भूमिका निभाई थी। इस फॉर्मेशन को रणनीतिक ताकत और सटीक समन्वय का प्रतीक माना जा रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर की झलक परेड में

बताया गया है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने 6 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था, जिसके तहत पाकिस्तान के भीतर आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की गई थी। गणतंत्र दिवस परेड के माध्यम से इस ऑपरेशन की पूरी झलक देशवासियों के सामने लाई जाएगी।

परेड में शामिल होगी भैरव बटालियन

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना में गठित की गई भैरव बटालियन भी इस वर्ष की परेड का हिस्सा होंगी। ये लाइट कमांडो बटालियन पारंपरिक पैदल सेना और स्पेशल फोर्सेज के बीच की क्षमता खाई को पाटने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं। भैरव बटालियन को तेज, निर्णायक और घातक अभियानों के लिए प्रशिक्षित किया गया है, ताकि चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर त्वरित ऑपरेशन किए जा सकें।

क्यों खास है भैरव बटालियन

भैरव बटालियन पारंपरिक इन्फैंट्री से अलग हैं। इनमें एयर डिफेंस, तोपखाना और सिग्नल जैसी विभिन्न आर्म्स के सैनिक शामिल किए गए हैं। इनका प्रमुख दायित्व सीमा पार अभियानों, दुश्मन की गतिविधियों की जानकारी जुटाने और उसकी रणनीति को बाधित करना है। इससे पैरा स्पेशल फोर्सेज को दुश्मन क्षेत्र के भीतर रणनीतिक मिशनों पर अधिक प्रभावी ढंग से फोकस करने में मदद मिलेगी।

कुल मिलाकर, इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड न केवल परंपरा और गौरव का प्रतीक होगी, बल्कि भारत की सैन्य तैयारी, आधुनिक क्षमता और त्वरित प्रतिक्रिया शक्ति का भी प्रभावशाली प्रदर्शन करेगी।

Dr. Bhanu Pratap Singh