भारत के केंद्रीय बैंक रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया RBI ने बुधवार को एक बार फिर से रेपो दर में इज़ाफ़ा किया है. इससे EMI चुकाने वालों पर बोझ बढ़ेगा.
आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने बुधवार को रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 4.90% कर दिया है. इसकी घोषणा आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने की.
इसके पहले 4 मई को अचानक रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने इसे 40 बेसिस प्वाइंट रेपो रेट बढ़ाने का फैसला लिया था.
माना जा रहा है कि बढ़ती महँगाई को काबू में करने के लिए ये फैसला लिया गया है. शक्तिकांत दास ने कहा कि यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ी है.
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि स्टैंडिग डिपोजिट फैसिलिटी(एसडीएफ़ रेट) को 4.65% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ़ रेट) और बैंक रेट को 5.15% तक एडजस्ट किया गया है.
शक्तिकांत दास ने कहा कि महंगाई दर इस साल दिसंबर महीने तक 6 फ़ीसदी तक रहने का अनुमान है. उन्होंने कहा कि प्रोविज़नल अनुमानों के अनुसार, 2021-22 में भारत की जीडीपी विकास दर 8.7% रहने का अनुमान है और 2021-22 में रियल जीडीपी का स्तर महामारी से पहले यानी 2019-20 के स्तर से अधिक हुआ है.
-एजेंसियां
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