पश्चिम बंगाल में संदेशखाली हिंसा को लेकर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने राज्य सरकार के साथ इंडी गठबंधन को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने संदेशखाली हिंसा को गंभीर मुद्दा बताया है। संदेशखाली की महिलाओं पर हुए अत्याचार पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चुप्पी पर भी निशाना साधा है।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि “महिलाओं के साथ होने वाले अपमानजनक व्यवहार और यौन उत्पीड़न के बारे में जो बाते सामने आई है, वह हमारे समाज और लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है। ममता बनर्जी अब भी इसका बचाव क्यों कर रही हैं? इस मामले में एक पत्रकार को भी गिरफ्तार किया गया है। ममता बनर्जी आखिर क्या छिपाना चाहती हैं और क्यों? वह खुद एक महिला है और अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए वह अन्य महिलाओं के सम्मान को खतरे में डाल रही है। क्या उनका जमीर मर गया है?”
उन्होंने अन्य पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा, “अन्य पार्टियां चुप क्यों हैं? मैंने सुना है कि सीपीआई(एम) की एक महिला नेता ने हिंसाग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया, लेकिन उन्होंने इसका कोई औपचारिक विरोध नहीं किया। पार्टी भी इस मामले में चुप है। राहुल गांधी भी इस मुद्दे पर चुप है।”
इंडिया गठबंधन पार्टियों पर भड़कते हुए भाजपा नेता ने कहा, “देश की बहनों, बेटियों की आबरू लूटी गई फिर भी वे (इंडिया गठबंधन) खामोश हैं, यह उनका नारी सम्मान को लेकर स्तर दिखाता है।”
क्या है संदेशखाली विवाद
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में स्थित गांव संदेशखाली इन दिनों भारी विरोध प्रदर्शन का गवाह बन रहा है। दरअसल गांव की महिलाओं ने बीते दिनों आरोप लगाए थे कि टीएमसी नेता शाहजहां शेख और अन्य टीएमसी नेताओं ने उनकी जमीनों पर कब्जा कर लिया और कुछ महिलाओं ने टीएमसी नेताओं पर यौन शोषण के भी आरोप लगाए थे। इसे लेकर संदेशखाली में महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ता भी संदेशखाली में प्रदर्शन कर रहे हैं। शाहजहां शेख राशन घोटाले में आरोपी है और बीते दिनों ईडी टीम पर हुए हमले में भी शाहजहां शेख आरोपी है। वहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।
-एजेंसी
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