Agra, Uttar Pradesh, India. ताजनगरी में नवरात्र पर भोलेनाथ का अभिषेक और रावण की आरती की गई। लंकापति दशानन महाराज पूजा समिति ने दशहरा पर रावण दहन का विरोध करते हुए दशानन के आदर्शों को आत्मसात करने की अपील की गई। आगरा की आबादी करीब 40 लाख है। दशासन की पूजा करने के लिए पहुंचे सिर्फ आठ लोग। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि रावण की पूजा करने वालों के साथ कोई नहीं है।
शिवतांडव स्त्रोत का पाठ
लंकापति दशानन महाराज पूजा समित द्वारा मिट्टी के शिव शंकर भोले नाथ की मूर्ति बनाकर अभिषेक किया गया। भोलेनाथ के सामने दशानन लंकापति रावण द्वारा रचित शिवतांडव स्त्रोत का पाठ किया गया। बदले दौर में लंकापति के आदर्शों को अपनी जिंदगी में शामिल करने का संकल्प लिया गया। शाम को दशानन की आरती की गई।

अपने अंदर के रावण को मारें
डॉ. मदन मोहन शर्मा संयोजक लंकापति दशानन महाराज रावण पूजा आयोजन समिति ने कहा कि रावण का दहन करने का विरोध किया जा रहा है। आम जन से भी अपील है कि वे अपने अंदर के रावण को मारें, रावण का दहन ना करें। समिति अध्यक्ष एडवोकेट उमाकांत सारस्वत ने कहा कि हिन्दू रीति रिवाज में एक व्यक्ति का दाह संस्कार एक बार ही किया जाता है तो रावण दहन बार-बार क्यों? कैलाश मंदिर महन्त गौरव गिरी ने कहा कि पार्थिव शिवलिंग बनाकर लंकापति रावण गंगाजल से अभिषेक करते थे कि वह अपना क्रोध काबू कर सकें।
ये रहे उपस्थित
पूजा में प्रमुख रूप से सुशील सारस्वत, उमाकांत सारस्वत, नकुल सारस्वत, अमन सारस्वत, दीपक सारस्वत, कमल सिंह चंदेल, रामानुज मिश्रास राजेश दुबे आदि उपस्थित थे।
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