प्रियंका गांधी के संसद में पहले भाषण के एक दिन बाद पीएम नरेंद्र मोदी आज संविधान पर बोलेंगे। इससे पहले आज राहुल गांधी ने संविधान पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सावरकर ने हमारे संविधान पर सवाल उठाए थे और कहा था कि इसमें कुछ भी भारतीय नहीं है।
राहुल के भाषण के बाद अनुराग ठाकुर ने उनपर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में ही सिखों का कत्लेआम हुआ और आपातकाल भी लगाया गया।
सावरकर ने कहा था- संविधान में कुछ भी भारतीय नहीं
राहुल ने कहा कि सावरकर ने कहा था कि भारत के संविधान की सबसे बुरी बात है कि उसमें कुछ भी भारतीय नहीं है।
राहुल ने कहा की सावरकर मनुस्मृति के साथ संविधान को बदलना चाहते थे। उन्होंने कहा कि क्या अब भाजपा सावरकर की बात को सही ठहराएगी।
राहुल ने इसी के साथ कहा कि जैसे द्रोणाचार्य ने एकलव्य का अंगूठा कटवाया था वैसे ही भाजपा देश के युवाओं का अंगूठा काट रही है। वो लोगों का हुनर छीन रही है।
अनुराग ठाकुर ने राहुल पर साधा निशाना
राहुल के भाषण के बाद भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने उनपर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल संविधान की पुस्तक पकड़कर उसकी बात तो करते हैं लेकिन उन्हें इसमें कितने पन्ने है ये भी नहीं पता होगा। उन्होंने कहा कि संविधान की बात करने वालों ने खुद सिखों का कत्लेआम किया था।
प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा में संविधान पर चल रही बहस का जवाब दे सकते हैं। इससे एक दिन पहले कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड़ा ने भाजपा पर संविधान को संघ की नियम पुस्तिका ‘संघविधान बनाने का आरोप लगाया था।
बता दें कि बीते दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संविधान पर चर्चा की शुरुआत की थी। राजनाथ ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा था कि कुछ लोगों ने ये मान लिया था कि संविधान एक ही पार्टी की देन है, लेकिन ये कई महान हस्तियों की मेहनत का परिणाम है।
शुक्रवार को सदन में वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पहली बार भाषण दिया और संविधान को ‘संघविधान’ या संघ की नियम पुस्तिका बनाने के लिए भाजपा पर निशाना साधा। संभल हिंसा और उन्नाव बलात्कार मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने सत्तारूढ़ सरकार पर डर फैलाने का भी आरोप लगाया और कहा कि संविधान लोगों को उत्पीड़न का सामना करने और लड़ने का साहस देता है।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने जाति जनगणना कराने के लिए नए सिरे से आवाज़ उठाई। संभल हिंसा और पूजा स्थलों के अन्य सर्वेक्षणों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि मस्जिदों के नीचे मंदिर खोजने वाले लोग शांति नहीं चाहते।
महुआ की टिप्पणी से लोकसभा में हंगामा
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा न्यायिक अधिकारी की मौत का जिक्र किए जाने पर शुक्रवार को लोकसभा में हंगामा मच गया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने उन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए गए मामले को उठाने का आरोप लगाया और ‘उचित संसदीय कार्रवाई की चेतावनी दी।
भारतीय संविधान के 75 साल पूरे होने पर आयोजित बहस में भाग लेते हुए, मोइत्रा ने न्यायिक अधिकारी की मौत पर कुछ विवादास्पद लेकिन संक्षिप्त टिप्पणी की।
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