रक्षा मंत्रालय ने हथियारों के निर्माण और टेस्टिंग के मामले में ‘आत्मनिर्भर’ बनने की ओर बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। रक्षा मंत्रालय ने यूनियन कैबिनेट को एक नोडल अंब्रेला बॉडी बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा है जो कि हथियारों की टेस्टिंग और प्रमाणन का काम कर सके। यह संस्था प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों द्वारा बनाए गए रक्षा उपकरणों का सर्टिफिकेशन करेगी।
इस साल केंद्रीय बजट में इस बात का जिक्र किया गया था कि एक स्वतंत्र टेस्टिंग ऐंड सर्टिफिकेशन बॉडी बनाई जाएगी। भारत में निजी रक्षा उपकरण निर्माता कंपनियों केलिए यह बहुत बड़ा कदम साबित हो सकता है। इससे प्राइवेट कंपनियों की तरफ से रक्षा उपकरण की सप्लाई भी बढ़ सकती है।
यह नई संस्था इस बात का ध्यान रखेगी कि कोई निजी कंपनी गलत तरीके से उपकरणों को प्रमाणित तो नहीं करवा रही है। ऐसा तो नहीं है कि किसी सरकारी लैबोरेटरी में गड़बड़ चल रही हो जिससे कि कम क्वालिटी वाले हथियारों को घरेलू इस्तेमाल या फिर निर्यात के लिए अनुमति मिल जाए।
इस साल बजट में रक्षा बजट का 68 फीसदी घरेलू उत्पादन के लिए निर्धारित किया गया है। प्राइवेट इंडस्ट्री इसका फायदा उठा सकती हैं। कई कंपनियों ने आरम्ड ड्रोन्स, ऑटोनोमस कॉम्बैट वीइकल, एयरक्राफ्ट इंजन, एसपीवी आदि का निर्माण भी शुरू कर दिया है।
-एजेंसियां
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