आगरा: प्रमुख सचिव, समाज कल्याण विभाग श्री एल. वेंकटेश्वर लू तथा राज्य मद्य निषेध अधिकारी उत्तर प्रदेश श्री आर. एल. राजवंशी की अध्यक्षता में आज निदेशालय समाज कल्याण, लखनऊ से वर्चुअल माध्यम से बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनपदों में संचालित प्राइवेट नशा मुक्ति केंद्रों के संचालन एवं अनुश्रवण पर विस्तृत चर्चा की गई।
प्रमुख सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निजी नशा मुक्ति केंद्रों का संचालन मद्य निषेध विभाग द्वारा निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार ही किया जाए। जिन केंद्रों द्वारा निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, उनके विरुद्ध जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित संयुक्त टीम — जिसमें विभागीय अधिकारी एवं पुलिस शामिल होंगे — द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि नशा मुक्ति केंद्रों के साथ-साथ समाज में नशा उन्मूलन के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएं। इस मुहिम में धार्मिक संगठनों, एनएसएस कार्यकर्ताओं, सैनिक कल्याण बोर्ड, सिविल वार्डन तथा अन्य सामाजिक संस्थानों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए, ताकि माननीय प्रधानमंत्री के “विकसित भारत” के सपने को साकार किया जा सके।
बैठक के दौरान राज्य मद्य निषेध अधिकारी श्री आर. एल. राजवंशी ने कहा कि नशा मुक्ति केंद्रों को सेवा भावना के साथ चलाया जाना चाहिए, न कि आर्थिक लाभ के लिए। उन्होंने इसे एक सामाजिक दायित्व बताते हुए कहा कि नशे से मुक्त समाज ही स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र का आधार है।
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