लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बाराबंकी में दिए गए विवादित बयानों पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जोरदार हमला बोला है। अखिलेश ने कहा कि जब भाजपा कमजोर होती है और मुख्यमंत्री को अपनी कुर्सी खिसकती नजर आती है, तब वे सांप्रदायिक भाषा का सहारा लेने लगते हैं। उन्होंने सीएम द्वारा ‘कयामत’ शब्द के इस्तेमाल पर भी चुटकी ली।
”उर्दू विरोधी मुख्यमंत्री को याद आई कयामत”
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, “मुख्यमंत्री जी हमेशा उर्दू शब्दों के विरोध में रहे हैं, लेकिन अब वे खुद ‘कयामत’ की बात कर रहे हैं। उन्हें कयामत की जगह कोई और शब्द इस्तेमाल करना चाहिए था।” उन्होंने आगे कहा कि जितना अधिक उनकी कुर्सी को खतरा होगा, उतने ही ज्यादा सांप्रदायिक होते जाएंगे।
क्या था मुख्यमंत्री योगी का बयान?
बता दें कि बाराबंकी में एक जनसभा के दौरान सीएम योगी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि जो लोग ‘कयामत’ के दिन का सपना देख रहे हैं, वह कभी नहीं आएगा। उन्होंने कहा था, “हिंदुस्तान में कायदे से रहोगे तो फायदे में रहोगे। कानून तोड़कर जन्नत जाने का सपना देखने वालों का रास्ता सीधा जहन्नुम जाता है।” साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया था कि बाबरी मस्जिद अब कभी नहीं बनने वाली है।
अराजकता और आवास पर दावों की जंग
जहाँ सीएम योगी ने दावा किया कि 2017 से पहले यूपी में हर तीसरे दिन कर्फ्यू लगता था और उनकी सरकार ने 60 लाख गरीबों को आवास दिए, वहीं विपक्ष इसे केवल चुनावी प्रोपेगेंडा बता रहा है। अखिलेश यादव ने संकेतों में कहा कि विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए पुरानी बातों और सांप्रदायिक शब्दों का सहारा लिया जा रहा है।
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