20 साल के इंतजार के बाद आगरा आईटी पार्क का उद्घाटन दिसंबर, 2020 में प्रस्तावित
अमित शाह, रवि शंकर प्रसाद और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम भी चर्चा में दो Agra, Uttar Pradesh, India. दशक लंबे इंतजार के बाद आगरा आईटी पार्क शास्त्रीपुरम, सिकंदरा,आगरा में तीन एकड़ भूमि पर तैयार हो रहा है। ऐसा अनुमान है कि दिसम्बर, 2020 तक आईटी पार्क जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह, केन्द्रीय मंत्री सूचना तकनीकी रविशंकर प्रसाद या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ या के हाथों करवाने की तैयारी है। आईटी पार्क की नोडल एजेंसी यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कार्पोरेशन के सूत्रों से यह जानकारी मिली है। आगरा
अभिषेक अरुण गुप्ता का अभियान
इसके साथ ही आगरा में आगरा आईटी सिटी बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। “आगरा आईटी सिटी” की स्थापना के लिए पुणे व गुरुग्राम के कारपोरेट जगत की मल्टी नेशनल कम्पनियों को छोड़कर वरिष्ठ आईटी विशेषज्ञ अभिषेक अरुण गुप्ता आगरा वापस आए हैं। उन्होंने बताया कि “आगरा आईटी सिटी” की स्थापना हेतु लगातार समन्वय बनाकर प्रस्तावित 100 से 500 एकड़ जगह के लिए गवर्नमेंट आर्डर पहले से निकलवाया हुआ है। 100 एकड़ में “आगरा आईटी सिटी” बनाने हेतु कमिश्नर आगरा को जमीन चिन्हित करने के लिए नोडल एजेंसी यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कार्पोरेशन के डिप्टी जनरल मैनेजर को अवगत कराया गया है।
थीम पार्क में मिल सकती है जमीन
नोडल एजेंसी यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कार्पोरेशन के डिप्टी जनरल मैनेजर प्रवीण कुमार द्वारा कमिश्नर आगरा को अभिनेता संजय खान के पूर्व प्रस्तावित थीम पार्क वाली 1,000 एकड़ जमीन के विषय में भी जानकारी दी गई है। इस भूमि को आवंटित कराने के लिए कमिश्नर आगरा कार्य कर रहे हैं। जमीन उपलब्ध करवाने पर आगरा में आईटी सिटी भी बनाया जायेगा। अभिषेक अरुण गुप्ता लगातार फोलोअप कर रहे हैं। इसका परिणाम यह है कि आगरा आईटी पार्क के उद्घाटन के साथ आगरा भी आईटी क्षेत्र में रोजगार देने में सक्षम हो जायेगा। फिर आगरा आईटी सिटी की स्थापना के साथ ही आगरा एक विकसित व रोजगार प्रदाता शहर के रूप में जाना जायेगा।
यहां करें संपर्क
वे कहते हैं- मेरी पहली प्राथमिकता आगरा की नयी व जवान पीढ़ी को आगरा में ही आईटी के रूप में रोजगार संसाधन उपलब्ध कराना है ताकि उनको अपना शहर व अपने परिजनों को छोड़कर किसी अन्य शहर के लिए पलायन न करना पड़े। पलायन के कारण उनके माता-पिता व पुश्तैनी निवास हमेशा उनकी प्रतीक्षा में बाट जोहते रहते हैं। आगरा के बच्चे अपनी जड़ों से कट जाते हैं और फिर उनको स्वदेश (आगरा) वापसी का मौका आजीवन प्राप्त नहीं हो पाता| आगरा शहर को एक “आगरा आईटी सिटी” के रूप में विकसित करने के लिए यहां फोन कर सकते हैं-
मोबाइल: + 91-7500227744
ई-मेल: itsm.aagupta@gmail.com
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