Lucknow, Uttar Pradesh, India. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर ऑक्सीजन की उपलब्धता और बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ऑक्सीजन प्लांट लगाने वाली औद्योगिक इकाइयों को सुविधा देते हुए तत्काल प्रभाव से एनओसी जारी करने का निर्णय लिया है। हालांकि ऑक्सीजन प्लांट लगाने वाली इकाइयों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मानकों का ख्याल रखना होगा और उन्हें उद्योग विभाग के निवेश मित्र पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
अनुमति पत्र की प्रतीक्षा करने की जरूरत नहीं
योगी सरकार कोरोना महामारी में ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है। इसके लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट की भी स्थापना की जा रही है। इसके बावजूद आपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए निजी क्षेत्र में ऑक्सीजन प्लांट निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने निर्णय लिया है कि राज्य की कोई भी नई और मौजूदा औद्योगिक इकाई ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कर सकती है या मौजूदा ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता में बढ़ोत्तरी कर सकती है। ऑक्सीजन प्लांट निर्माण से जुड़ी इच्छुक इकाइयों को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक सामान्य आदेश जारी कर तुरंत एनओसी जारी करने का निर्णय लिया है। प्लांट लगाने के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति पत्र की प्रतीक्षा करने की जरूरत नहीं होगी। इच्छुक इकाइयां ऑक्सीजन प्लांट निर्माण अविलंब शुरू करें, उनको प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति (एनओसी) शीघ्र मिल जाएगी।
औपचारिकताओं की पूर्ति तत्काल करने की आवश्यकता नहीं
ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की इच्छुक इकाईयों को उद्योग विभाग की साइट निवेश मित्र पोर्टल https://niveshmitra.up.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद इकाईयों को अन्य औपचारिकताओं की पूर्ति तत्काल रूप से करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि प्लांट लगाने के इच्छुक इकाइयों को पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 के प्रावधानों के तहत मानकों का अनुपालन करते हुए ऑक्सीजन गैस का विधिवत निर्माण शुरू करना होगा।
ऑक्सीजन की आपूर्ति में 50 मीट्रिक टन की बढ़ोतरी
कोरोना के बढ़ते प्रकोप से राज्य में ऑक्सीजन की मांग बढ़ी है। योगी सरकार ने प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति में 50 मीट्रिक टन की अतिरिक्त की बढ़ोतरी की है और अब 682 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की व्यवस्था कराई गई है। राज्य में ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रतिदिन बढ़ाई जा रही है। ऑक्सीजन के ट्रांसपोर्ट के लिए विशेष टैंकरों की व्यवस्था की जा रही है। भारत सरकार द्वारा यूपी को कुछ टैंकर दिए गए हैं कुछ और टैंकर किराए पर लिए जा रहे हैं। इस प्रकार से यूपी में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने के लिए युद्धस्तर पर परिवहन और बड़े पैमाने पर सरकारी और निजी प्लांट के निर्माण पर ज़ोर दिया जा रहा है।
- Parhaat nettikasinot 2026: Luotettavuus ja bonusten arviointi - June 16, 2026
- Past Win Records and Big Payouts in Big Bass Bonanza Machine for United Kingdom - June 16, 2026
- Gioca dal vivo e vinci subito in Italia su Golisimo Casino - June 15, 2026