बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बिहार की राजधानी पटना में लगने वाले ‘दिव्य दरबार’ को आज रद्द कर दिया है. आयोजकों का दावा है कि इसमें शामिल होने वाली संभावित भीड़ की वजह से ऐसा फ़ैसला किया गया है. यह दरबार 15 मई यानी सोमवार दिन में 11 बजे से शुरू होना था.
बिहार समेत पूरे उत्तर भारत में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है और दोपहर के वक़्त इस तरह के कार्यक्रम से लोगों की सेहत बिगड़ने की आशंका से ऐसा फ़ैसला करने का दावा किया गया है.
दरअसल, बागेश्वर बाबा 13 मई से 17 मई के बीच पटना के नौबतपुर इलाक़े में हनुमंत कथा कर रहे हैं. यह कथा हर रोज़ शाम 4 बजे शुरू होती है. आयोजकों का कहना है कि रविवार को कथा में अनुमान से कई गुना ज़्यादा भीड़ आ गई.
यह आयोजन एक खुले मैदान में बने पंडाल में हो रहा है. यहां लोगों के आने-जाने से धूल उड़ने और गर्मी की वजह से कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई.
आयोजकों का दावा है कि रविवार को 3 लाख लोगों के कथा में शामिल होने का अनुमान था, लेकिन इसमें क़रीब 10 लाख लोग शामिल हो गए.
आयोजकों का मानना है कि सोमवार को ‘दिव्य दरबार’ में इससे ज़्यादा भीड़ जुट सकती है और गर्मी की वजह से लोगों की सेहत बिगड़ सकती है इसलिए दिव्य दरबार को स्थगित करने का फ़ैसला किया गया है.
इस आयोजन से जुड़े मनीष शर्मा ने बताया है कि बागेश्वर बाबा के हनुमंत कथा का आयोजन निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक़ 17 मई तक चलेगा.
दूसरी तरफ बागेश्वर बाबा की बिहार यात्रा का कई लोगों ने विरोध भी किया है. इसमें सबसे आगे बिहार सरकार में मंत्री और आरजेडी नेता तेजप्रताप यादव रहे हैं.
राजनीति से लेकर अन्य लोग भी बागेश्वर बाबा पर अंधविश्वास फ़ैलाने का आरोप लगाते रहे हैं, इसे लेकर वो काफ़ी विवादों में भी रहे हैं.
‘दिव्य दरबार’ में बागेश्वर बाबा लोगों के नाम से ‘पर्चा’ निकालते हैं और इसमें कई ऐसी बातें की जाती हैं, जिसे सीधा अंधविश्वास से जोड़ा जाता है.
बागेश्वर बाबा को जानने वालों का कहना है कि बाबा का दावा होता है कि दिव्य दरबार में उनको आधे से एक घंटे तक सिद्धि आती है.
इस दौरान वो कुछ लोगों के नाम का पर्चा निकालते हैं. बागेश्वर बाबा का दावा होता है कि उनको यह सिद्धि (विशेष शक्ति) हनुमान जी के आशीर्वाद से मिलती है.
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