पाकिस्तान की पहचान दक्षिण एशिया के एक ऐसे देश के रूप में हो चुकी है, जो पूरी दुनिया में आतंक का सप्लायर है। पाकिस्तानी सेना ने किस तरह तालिबान को अफगानिस्तान में खड़ा किया और उसे ट्रेनिंग दी, ये दुनिया जानती है। लेकिन जब तालिबान ने पाकिस्तान के इशारों पर चलने से इनकार कर दिया तो पाकिस्तानी सेना अब इस्लामिक स्टेट (ISIS) जैसे खूंखार आतंकी संगठन से हाथ मिलाने में भी नहीं हिचक रही है। पाकिस्तान किसी भी तरह से तालिबान को अपने प्रभाव से बाहर जाने देने के लिए तैयार नहीं है। तालिबान को झुकाने के लिए अब पाकिस्तानी सेना ने इस्लामिक स्टेट की खुरासान शाखा (ISKP) को पालना शुरू कर दिया है।
लश्कर के आतंकियों की इस्लामिक स्टेट में भर्ती
आईएसकेपी अफगानिस्तान में सक्रिय है और तालिबान के खिलाफ हमले करता रहता है। लेकिन इस आतंकी संगठन को हथियार और ट्रेनिंग के बाद अब पाकिस्तानी सेना आतंकियों की भर्ती भी खुद ही कर रही है। पाकिस्तान में सक्रिय तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के पूर्व प्रवक्ता एहसानुल्लाह हुसैन ने ये दावा किया है। पाकिस्तानी सेना अब आईएसकेपी पर अपना कंट्रोल स्थापित करना चाह रही है, इसके लिए उसके जनरलों ने एक योजना तैनात की है। इसके तहत पाकिस्तानी सेना लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को आईएसआईएस में भर्ती करके उसके क्षेत्रीय नेतृत्व पर अपने लोगों की पहुंच हासिल करने में लगी है। ये वही लश्कर-ए-तैयबा है जिसे पाकिस्तानी सेना ने भारत के खिलाफ आतंकवाद फैलाने के लिए खड़ा किया था।
तालिबान से बदले के लिए पाकिस्तानी जनरलों का प्लान
टीटीपी नेता एहसानुल्लाह एहसान ने अफगान तालिबान समर्थित वेबसाइट अल मिरसाद के एक लेख में बताया कि लश्कर और आईएसकेपी एक ही विचारधार को मानते हैं, इसलिए पाकिस्तानी सेना के लिए उन्हें आईएसकेपी में भर्ती करना आसान है। उन्होंने कहा, तालिबान के स्वतंत्र नीति से अपनाने से हताश पाकिस्तानी जनरलों ने अफगानिस्तान से बदला लेने के लिए अपने मोहरों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।
कश्मीर में बेकार लश्कर को मिला नया मोर्चा
एहसान ने बताया लश्कर के आतंकवादियों के लिए अब इस्लामिक स्टेट नया ठिकाना बन गया है। पाकिस्तानी सेना के संरक्षण में आईएसआईएस के ट्रेनिंग कैंप चल रहे हैं, जो बलूचिस्तान से लेकर बाजौर और दीर तक में सक्रिय हैं। दरअसल कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए तैयार किया गया लश्कर को भारतीय सुरक्षाबलों ने बेकार कर दिया है। ऐसे में पाकिस्तानी जनरलों के लिए लश्कर के आतंकियों को इस्तेमाल करने के लिए नया मोर्चा मिल गया है। उन्हें आईएसआईएस में भर्ती किया जा सकता है, जो हर तरह से उनके गुलाम होंगे।
-एजेंसी
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