भारत सरकार ने 14 अगस्त को घोषित किया है विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस
आओ पुरखा नू याद करिए, 14 अगस्त को शाम 6 बजे एक मोमबत्ती अपने पितरों के नाम
डॉक्टर भानु प्रताप सिंह
Agra, Uttar Pradesh, India. पंजाबी सभा महानगर आगरा के अध्यक्ष सर्व प्रकाश कपूर ने 14 अगस्त 1947 की याद दिलाई है। 14 अगस्त को भारत का विभाजन कर एक अलग देश के रूप में पाकिस्तान बनाया गया था। इसके साथ ही पाकिस्तान वाले इलाके में रहने वाले हिंदुओं पर अत्याचार शुरू कर दिए गए।भारत-पाकिस्तान सीमा के पंजाब प्रांत में पंजाबियों पर अतिशय अत्याचार किए गए। मां बहनों की इज्जत लूटी। बच्चों को भाले की नोक पर उछाला गया। इसके बाद भी पंजाबी झुके नहीं। उन्होंने मुकाबला किया और अपने देश भारत की ओर आए।

श्री कपूर ने बताया कि 1947 की वह काली रात पंजाबियों पर कहर बनकर टूटी। दर्द पंजाबियों ने झेला । आज हम नमन करते हैं उनके बलिदानों को, जिनके बलिदान से आज हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं, उन माताओं को जिन्होंने अपने लालों को खोया, उन बहनों को जिन्होंने अपने भाइयों को खोया, उन बच्चों को जिनको भालों की नोक पर उछाला गया, उन आत्माओं को जिनको अग्नि देने वाला भी कोई नहीं मिला।
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श्री कपूर ने कहा कि उत्तर प्रदेश ही नहीं, राष्ट्र का पंजाबी समाज उन आत्माओं को नमन करता है। उनका बलिदान पंजाबी समाज हमेशा याद रखेगा। 1947 में 10 लाख से भी ज्यादा पंजाबी समाज के भाई बहन शहीद हुए थे। उनको श्रद्धांजलि देने के लिए, उनकी आत्मा की शांति के लिए 14 अगस्त दिन रविवार शाम 6 बजे एक मोमबत्ती शहीदों के नाम सार्वजनिक स्थलों, मंदिरों, गुरुद्वारे या अपने घर के बाहर जलाएं और अपने पितरों को श्रद्धांजलि अर्पित करें।

उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम पूरे उत्तर प्रदेश में नहीं पूरे राष्ट्र में लगभग 10 सालों से हमारे स्वर्गीय रामप्रकाश सेठी हापुड़ के आग्रह पर चल रहा है। पिछले वर्ष भी पूरे राष्ट्र में मोमबत्ती जलाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई थी।

श्री कपूर ने बताया कि पंजाबी समाज की एकता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2001में 14 अगस्त का दिन विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस घोषित करके पंजाबी समाज का मान बढ़ाया है। सभी से आह्वान और आग्रह है कि 14 अगस्त को शाम 6:00 बजे एक मोमबत्ती अपने पितरों के नाम जलाकर भारत विभाजन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करें।

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