आगरा। ब्राह्मण समाज को देश और समाज के विखंडन से बचाने के लिए संगठित होकर अपने दायित्वों के निर्वहन का आह्वान करते हुए रविवार को एमजी फार्म हाउस में ब्राह्मण विशाल सम्मेलन एवं चिंतन शिविर का आयोजन किया गया। सम्मेलन की शुरुआत सुंदरकांड पाठ से हुई, जिसके बाद भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ब्राह्मण समाज ने सदियों से शिक्षा, संस्कृति, धर्म और सामाजिक मर्यादाओं की रक्षा में अहम भूमिका निभाई है। देश और समाज के लिए दिए गए बलिदानों को भुलाया नहीं जा सकता। वक्ताओं ने चिंता जताई कि वर्तमान समय में कुछ लोग बिना कारण ब्राह्मण समाज के प्रति द्वेष फैला रहे हैं, जिसे दूर करने के लिए समाज को निजी हितों से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने कहा कि सभ्यता के उद्गम से लेकर आज तक ब्राह्मण समाज ने देश को दिशा दी है। वर्ष 1857 में स्वतंत्रता संग्राम का पहला बिगुल मंगल पांडे ने फूंका था, जो समाज के ऐतिहासिक योगदान का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज की परिस्थितियों में समाज को फिर से संगठित होकर देश और समाज की रक्षा के लिए आगे आना होगा।
सम्मेलन में तान्या मिश्रा की बरामदगी, राजू पंडित पर पुलिस उत्पीड़न और खंदौली की मासूम बेटी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर वक्ताओं ने कड़ा रोष व्यक्त किया। इसके अलावा मध्य प्रदेश में अनिल मिश्रा की कथित जबरन गिरफ्तारी और आईएस संतोष वर्मा पर कार्रवाई न होने पर भी नाराजगी जताई गई। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि वर्तमान समय में कोई भी राजनीतिक दल ब्राह्मणों का वास्तविक हितैषी नहीं है और समाज अब उसी का समर्थन करेगा जो उसके अधिकारों और सम्मान की रक्षा करेगा।
कार्यक्रम का संचालन मनीष पंडित ने किया। सम्मेलन में वरिष्ठ अधिवक्ता, किसान नेता, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार और सैकड़ों की संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग उपस्थित रहे। सम्मेलन के अंत में समाज को एकजुट रखने और संवैधानिक व लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संकल्प लिया गया।
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