हनुमानगढ़ी में नमाज विवाद: सीएम योगी के दावे को बृजभूषण शरण सिंह ने बताया गलत, कहा- ‘हनुमानगढ़ी का निर्माण एक मुसलमान ने कराया था’

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​गोंडा/अयोध्या। हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाए जाने के मुद्दे पर प्रदेश की सियासत में जबरदस्त हलचल मची हुई है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया था कि पूर्व में सपा सरकार के दौरान हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाई गई थी। अब इस दावे पर भाजपा के पूर्व सांसद और कद्दावर नेता बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे पूरी तरह गलत बताया है।

​बृजभूषण शरण सिंह ने पेश किया ऐतिहासिक तर्क

गोंडा में एक समारोह के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने स्पष्ट किया कि हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़े जाने की बात निराधार है। उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए कहा, “हनुमानगढ़ी का निर्माण एक मुसलमान ने ही कराया था। बाराबंकी के उस व्यक्ति के नाम का पत्थर शिलालेख आज भी वहां लगा हुआ है।” राम मंदिर आंदोलन में अपनी सक्रिय भूमिका और अयोध्या से अपने पुराने जुड़ाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे वहां की गलियों और इतिहास को भली-भांति समझते हैं।

​शंकराचार्य ने भी बताया झूठ, दी मंदिर न जाने की चेतावनी

इस मामले पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने नमाज वाली बात को सिरे से खारिज करते हुए इसे राम मंदिर में हुई चोरी की घटना से जनता का ध्यान भटकाने की एक कोशिश करार दिया।

शंकराचार्य ने कहा, “मुख्यमंत्री ने चोरी के मामले में विफल होने पर लोगों का ध्यान बांटने के लिए 27 साल पुरानी इस बात का सहारा लिया है। उन्होंने हमारी पवित्र सीढ़ियों पर नमाज की बात कहकर मंदिर को अपवित्र करने का काम किया है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी झूठी बातें करने वालों का मंदिर में प्रवेश प्रतिबंधित नहीं किया गया, तो वे भविष्य में हनुमानगढ़ी नहीं जाएंगे।

क्या था सीएम योगी का आरोप?

उल्लेखनीय है कि बीकापुर की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए सवाल उठाया था कि जो लोग आज आस्था की बात करते हैं, उन्होंने ही हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप किया था। सीएम ने तर्क दिया था कि जब मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ संभव नहीं है, तो हनुमानगढ़ी में नमाज को क्यों अनुमति दी गई? इस बयान के बाद से अब सत्तापक्ष और विपक्ष के साथ-साथ धर्मगुरुओं के बीच भी इस मुद्दे पर घमासान छिड़ा हुआ है।

Dr. Bhanu Pratap Singh