आगरा/फतेहपुर सीकरी: आगरा के आलू किसानों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मांग की है कि कोल्ड स्टोरेज पर लगने वाली कमर्शियल (व्यावसायिक) बिजली दरों को खत्म कर उन्हें घरेलू दरों के समान किया जाए। सांसद का तर्क है कि कोल्ड स्टोरेज कोई फैक्ट्री नहीं, बल्कि किसानों की उपज को सुरक्षित रखने का एक सेवा केंद्र है।
आधा मुनाफा खा जाता है ‘भाड़ा’
सांसद ने पत्र में आलू किसानों की बेबसी का गणित साझा करते हुए बताया कि वर्तमान में किसान को 250 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भंडारण शुल्क देना पड़ता है, जबकि बाजार में आलू का भाव मात्र 500 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास है। यानी किसान की मेहनत की आधी कमाई सिर्फ आलू को सुरक्षित रखने में ही खर्च हो रही है। इस भारी खर्च के कारण किसान अपनी फसल को मजबूरी में कम दामों पर बेचने को मजबूर हो जाता है।
क्या होगा बदलाव का असर?
सांसद चाहर का मानना है कि यदि कोल्ड स्टोरेज को घरेलू श्रेणी की बिजली दरों में शामिल कर लिया जाए, तो भंडारण की लागत में भारी कमी आएगी। इससे न केवल किसानों का मुनाफा बढ़ेगा, बल्कि वे अपनी फसल को तब बेच सकेंगे जब बाजार में उन्हें सही दाम मिलें। यह कदम पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों आलू उत्पादकों के लिए ‘संजीवनी’ साबित हो सकता है।
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