गुजरात के मोरबी में रविवार शाम करीब 6.30 बजे केबल सस्पेंशन ब्रिज टूटने से करीब 400 लोग मच्छु नदी में गिर गए। बताया गया है कि जिस वक्त पुल टूटा उस वक्त करीब 400 लोग पुल पर ही थे। गुजरात के पंचायत मंत्री ब्रजेश मेर्जा के मुताबिक, इस हादसे में कम से कम 60 लोगों की मौत हुई है। वहीं, दर्जनों घायल हैं। पीएम मोदी ने भी घटना को लेकर अधिकारियों से तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस सिलसिले में गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल से बात की और घटना पर निगरानी रखने के लिए कहा।
મોરબી ખાતે થયેલ દુર્ઘટનાથી અત્યંત દુ:ખી છું. આ અંગે ગુજરાતના મુખ્યમંત્રી શ્રી @Bhupendrapbjp તથા અન્ય અધિકારીઓ સાથે વાત કરી. રાહત અને બચાવ કામગીરી પુરઝડપે ચાલી રહી છે તથા અસરગ્રસ્તોને તમામ આવશ્યક સહાય પૂરી પાડવામાં આવી રહી છે.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 30, 2022
पीएम मोदी ने घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो लाख रुपये के मुआवजे का एलान किया है। वहीं, घायलों को 50 हजार रुपये की मदद दी जाएगी। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा है कि वे इस घटना पर नजर रख रहे हैं। एंबुलेंस को तुरंत रवाना कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वे लगातार अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने भी मृतकों के परिजनों के लिए चार-चार लाख रुपये की मदद का एलान किया है।
हादसे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी बयान आया। उन्होंने कहा. “मोरबी में हुए हादसे से अत्यंत दुखी हूं। इस विषय में मैंने गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी व अन्य अधिकारियों से बात की है। स्थानीय प्रशासन पूरी तत्परता से राहत कार्य में लगा है, NDRF भी शीघ्र घटनास्थल पर पहुँच रही है। प्रशासन को घायलों को तुरंत उपचार देने के निर्देश दिए हैं।”
गौरतलब है कि मोरबी में यह पुल हाल ही में जनता के लिए दोबारा खोला गया था। हालांकि, मरम्मत के बावजूद यहां इकट्ठा हुई भीड़ के वजन की वजह से पुल टूट गया। बताया गया है कि कुछ लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया है। स्थानीय विधायक और राज्य मंत्री ब्रजेश मेरजा ने कहा कि प्रशासन पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि जब पुल टूटा तो उन्होंने महिलाओं और बच्चों को इसकी केबल से लटकते भी देखा।
मोरबी का यह सस्पेंशन ब्रिज 140 साल से भी ज्यादा पुराना है और इसकी लंबाई करीब 765 फीट है। यह सस्पेंशन ब्रिज गुजरात के मोरबी ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक धरोहर है। इस ब्रिज का उद्घाटन 20 फरवरी 1879 को मुंबई के गवर्नर रिचर्ड टेम्पल ने किया था। यह उस समय लगभग 3.5 लाख की लागत से बनकर तैयार हुआ था। उस समय इस पुल को बनाने का पूरा सामान इंग्लैंड से ही मंगाया गया था। इसके बाद इस पुल का कई बार रेनोवेशन किया जा चुका है। हाल ही में दिवाली से पहले इसके मरम्मत का काम 2 करोड़ की लागत से किया गया था।
ब्रिज के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी ओरेवा ग्रुप के पास है। इस ग्रुप ने मार्च 2022 से मार्च 2037 यानी 15 साल के लिए मोरबी नगर पालिका के साथ एक समझौता किया है। ग्रुप के पास ब्रिज की सुरक्षा, सफाई, रखरखाव, टोल वसूलने, स्टाफ का प्रबंधन है।
#WATCH | Several people feared to be injured after a cable bridge collapsed in the Machchhu river in Gujarat’s Morbi area today. Further details awaited. pic.twitter.com/hHZnnHm47L
— ANI (@ANI) October 30, 2022
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