किसानों की शिकायतों से भरी चिट्टिया उंट गाड़ी में लाद कर जिला मुख्यालय पहुँची रालोद, डाकघर से की मुख्यमंत्री के नाम पोस्ट

किसानों की शिकायतों से भरी चिट्टिया उंट गाड़ी में लाद कर जिला मुख्यालय पहुँची रालोद, डाकघर से की मुख्यमंत्री के नाम पोस्ट

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आगरा: आवारा पशुओं के साथ किसानों की कई समस्याएं है जिनके लिए किसान नेता लड़ाई लड़ रहे है लेकिन इन समस्याओं का समाधान नही हो पा रहा है जिसके चलते रालोद नेताओ में रोष व्याप्त है। किसानों की पीड़ा से सूबे के मुख्यमंत्री को रूबरू कराने के लिए रालोद उंट गाड़ी में किसानों की समस्याओं से संबंधित चिट्टियो को लेकर पहुँचे। उन्होंने यह चिट्टिया जिला मुख्यालय के डाकघर में पोस्ट करने के लिए दी और फिर पर नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय पहुँचे। यहाँ पर सीएम योगी के नाम किसानों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन जिसमें किसानों की पीड़ा और समस्या लिखी थी उसे सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।

किसान संदेश अभियान के अंतर्गत जानी किसानों की समस्या:-

रालोद की ओर से किसानों की समस्याओं को जानने के लिए किसान संदेश अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत रालोद नेताओं ने जिले भर में किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को जानकर उन समस्याओं का शिकायती पत्र भरवाया। जिले भर में किसानों की प्रमुख समस्या आवारा पशु, बिजली या फिर गन्ने के मूल्य का भुगतान न होना था। किसानों के इन शिकायती पत्रों को लेकर रालोद नेता जिला मुख्यालय पहुँचे थे।

शिकायती पत्रों की भरी टोकरी को सिर पर लेकर पहुँचे डाकघर:-

किसानों की समस्याओं वाली चिट्टियो से भरी टोकरी को राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ता सिर पर उठाकर जिला मुख्यालय में मौजूद डाकघर पहुँचे। यहाँ पर रालोद नेताओ ने चिट्टियां को पोस्ट करने के लिए दिया जिससें इन चिट्ठियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को आगरा के ग्रामीणों की समस्याओं की जानकारी हो सके। इसके बाद इसके आरएलडी कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।

ये लगाए आरोप:-

रालोद नेताओं का आरोप था कि उत्तर प्रदेश सरकार आवारा पशुओं को लेकर गंभीर नहीं है। आवारा पशुओं के चलते किसानों की खड़ी फसलें तबाह और बर्बाद हो रही हैं। किसानों द्वारा कई बार प्रशासन और सरकार को इस समस्या से अवगत करा दिया है बावजूद इसके आवारा पशुओं की यह समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है वही दूसरी ओर गन्ना किसानों को उन्हें गन्ने का सही मूल्य नही मिल रहा है। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि अगर हमारी इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह आत्मदाह को मजबूर होंगे।