इंदौर की त्रासदी से सबक: आगरा जलकल विभाग हाई अलर्ट पर, पार्षदों के साथ मिलकर जांची जा रही पेयजल व्यवस्था

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आगरा। मध्य प्रदेश के इंदौर में सामने आई पानी से जुड़ी गंभीर घटना के बाद आगरा प्रशासन भी पेयजल की शुद्धता और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क हो गया है। शहरवासियों को सुरक्षित और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगरा जलकल विभाग ने व्यवस्थाओं में मौजूद खामियों की पहचान और उनके त्वरित समाधान की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं।

महापौर हेमलता दिवाकर के निर्देश पर जलकल विभाग के महाप्रबंधक एके राजपूत ने जोन स्तर पर पार्षदों के साथ बैठकों का सिलसिला शुरू कर दिया है। बुधवार को जलकल मुख्यालय पर हरीपर्वत जोन के पार्षदों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें वार्ड स्तर पर पानी और सीवर से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति में गड़बड़ी, पाइपलाइन लीकेज, सीवर जाम, दूषित पानी की शिकायतें और मरम्मत कार्यों में देरी जैसे मुद्दे अधिकारियों के सामने रखे। जलकल अधिकारियों ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

गौरतलब है कि मंगलवार को महापौर ने जलकल विभाग के मुख्यालय का निरीक्षण कर विभागीय कार्यप्रणाली की समीक्षा की थी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसी भी स्थिति में पेयजल की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में अब जोन स्तर पर पार्षदों से सीधे संवाद कर जमीनी हालात की जानकारी जुटाई जा रही है।

महाप्रबंधक एके राजपूत ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य पानी और सीवर से जुड़ी समस्याओं का समय रहते समाधान करना है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अन्य जोनों के पार्षदों के साथ भी इसी तरह की बैठकें आयोजित की जाएंगी।

बैठक में पार्षद प्रदीप अग्रवाल, शरद चौहान, भरत शर्मा, रवि दिवाकर, अमित सिंह, ऋषभ गुप्ता सहित जलकल विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh