सीओ कार्यालय में शिकायत लेकर पहुँची थी महिला
Agra, Uttar Pradesh, India. जिले में भाजपा के नौ विधायकों में से एक विधायक और उनके परिवार पर महिला ने गम्भीर आरोप लगाए हैं। खुद को इस विधायक की पुत्रवधू बताती है। महिला का आरोप है कि उसके पति जो विधायक का बेटा है, उसने दूसरी शादी कर ली है।
जानकारी अनुसार पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर अर्चना सिंह के ऑफिस में एक महिला पहुंची। महिला ने स्वयं को सत्ताधारी विधायक के पुत्र की पत्नी बताया। उसने शिकायत कि विधायक पुत्र ने दूसरी शादी कर ली है। सत्ता में होने के कारण उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। विधायक पुत्र से उनके दो बच्चे हैं। अपना हक़ मांगने पर उनके साथ मारपीट की जाती है। पीड़ित महिला ने विधायक और उसके पुत्र पर कार्रवाई की मांग की है।
महिला के अनुसार विधायक पुत्र उसे अपने प्रेम जाल में फंसाया और कई बार शारीरिक शोषण किया गया। जब उसने शादी का दबाव बनाया तो 2009 में मंदिर में ले जाकर मांग भर दी और बोला, लो अब हो गई शादी । इसके बाद वह उसको कभी अपने घर लेकर नहीं गया और दूसरी जगह उसे पत्नी की तरह रखने लगा। इस बीच उसके विधायक पुत्र से दो बच्चे हुए लेकिन कुछ सालों बाद पता चला कि विधायक के बेटे ने दूसरी शादी कर ली है जिसे वह अपने परिवार में रखता है। मान-सम्मान देता है।
हक माँगा तो मिले लात घूंसे
पीड़िता ने आरोप लगाया कि दूसरी शादी करने के बाद उससे भी एक बेटी हुई। वंश चलाने के लिए परिवार को बेटे की चाहत थी। दूसरी बीवी फिर से मां नहीं बन सकती तो फिर विधायक के बेटे ने एक बार फिर उसका उत्पीड़न करना शुरू कर दिया। बेटे की चाहत के लिए अनेकों बार जबरदस्ती उसके संबंध बनाए गए। गर्ब्वती हुई कई बार मेडिकल कराया गया कि गर्भ में बेटा है या बेटी। बेटा न होने पर कई बार अबॉर्शन भी कराया ।
कृत्रिम गर्भाधान करने बैंकॉक ले गया
महिला का आरोप है कि जब उसको बेटा नहीं हुआ तो वह उसे बैंकॉक ले गया, जहां उसका कृत्रिम रूप से गर्भाधान कराया गया। दुर्भाग्यपूर्ण यह बच्चा अविकसित पैदा हुआ जिसे उसने लेने से और बेटा मानने से अस्वीकार कर दिया। चिकित्सकों ने बताया कि यह अविकसित बच्चा पूरा हो सकता है, लेकिन इसके इलाज में बहुत खर्च आएगा। खर्चे के चलते विधायक और उनके पुत्र ने आईडिया त्याग दिया । इस बच्चे को भी वो लोग मारना चाहते थे,पर मिन्नत करके बच्चे को बचाया और वह आज जीवित है।
शरीर की भूख मिटाने आता है घर
पीड़िता का आरोप है कि जब भी उसे शारीरिक भूख लगती है तो वह घर चला आता है। पहले मारपीट करता है और फिर अपनी भूख मिटाने के लिए जबरदस्ती शारीरिक शोषण करता है। कई बार तो ऐसा हुआ कि स्वास्थ्य ठीक न होने पर भी उसने अप्राकृतिक सेक्स भी किया जिसके चलते कई बार उसका स्वास्थ्य भी खराब हो गया।
कई बार की शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई
कई बार उसने उत्पीड़न की शिकायत क्षेत्रीय थाने ताजगंज में दर्ज कराई लेकिन ताजगंज पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। सत्ता का दबाव हमेशा पुलिस पर दिखाई देता था। थाने पहुंचते ही विधायक और उसके पुत्र पर खबर पहुंच जाती थी।
सीओ सदर के ऑफिस से निकलने के बाद पीड़िता ने बताया कि काफी दिन पहले शिकायत दर्ज कराई गई थी लेकिन मुकदमे की कार्रवाई बड़ी शिथिल चल रही है। अभी तक बयान दर्ज कराए जा रहे हैं। कई बार वह अपने बयानों को दोहरा चुकी है। सोमवार को भी सीओ ऑफिस में सिर्फ बयान और शिकायत सुनी गई कार्रवाई के नाम पर ठन ठन गोपाल ।
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