सर्दी का मौसम आगाज़ हो चुका है। अक्तूबर का महीना लगते ही ठंडी हवाएं दस्तक देने लगती है। इस मौसम में प्रदूषण का आगमन भी आधिकारिक तौर पर हो जाता है। बढ़ता प्रदूषण कई तरह की श्वसन संबंधी परेशानियों का कारण बनता है जिसकी वजह से लोगों का दम घुटने लगता है। इस मौसम में अगर डाइट में कुछ खास फूड्स का सेवन किया जाए तो मौसम की मार से बचा जा सकता है।
शरीफा सर्द मौसम में पाया जाने वाला फल है जो फेफड़ों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। खाने में गूदेदार और स्वादिष्ट ये फल अस्थमा के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद है। इस फल का सेवन नेचुरल तरीके से फेफड़ों को साफ करता है।
कई रिसर्ज में ये बात सामने आई है कि शरीफा वायु प्रदूषण से निबटने में असरदार साबित होता है। इस फल के साथ ही उसकी जड़, पत्ते, छाल सभी में औषधीय गुण मौजूद होते हैं जिनका उपयोग कई बीमारियों का उपचार करने में किया जाता है। ये फल दिल के रोगों से लेकर डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है। आइए जानते हैं कि कैसे ये फल फेफड़ों की सफाई करने के साथ-साथ बॉडी को कौन-कौन से फायदे पहुंचाता है।
डायबिटीज कंट्रोल करता है
100 ग्राम शरीफा में कुल कैलोरी काउंट 94 कैलोरी होती है। प्रोटीन 2.1 ग्राम, आहार फाइबर 4.4 ग्राम तक, कुल वसा 0.0 ग्राम और कार्बोहाइड्रेट 23.6 ग्राम होता हैं। इस फ्रूट का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 54 होता है जो ब्लड में शुगर का स्तर कंट्रोल करता है। डायबिटीज के मरीज इस फल का सेवन आराम से कर सकते हैं।
मसल्स की वीकनेस दूर करता है
इस फल में कैलोरी सामग्री एक सेब की तुलना में दोगुनी है जो बॉडी में एनर्जी का लेवल बढ़ाती है। इसमें भरपूर मात्रा में पोटैशियम होता है, जो मांसपेशियों की कमजोरी को दूर करने में मदद करता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है।
ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है
इस फल को खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है। इसमें सोडियम और पोटेशियम का एक संतुलित अनुपात होता है जो शरीर में ब्लड सर्कुलेशन के उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने में मदद करता है। एक छोटा सा शरीफा में मैग्नीशियम के लिए लगभग 10 प्रतिशत आरडीए मिलता है जो दिल की मांसपेशियों को स्ट्रॉन्ग बनाता है और स्ट्रोक के जोखिम को कम करता है।
आंत की सेहत को दुरुस्त रखता है
शरीफा में एंटी इंफ्लामेटरी गुण मौजूद होते हैं जो अल्सर, पेट की समस्याएं और एसिडिटी से निजाता दिलाता है। सिर्फ 100 ग्राम शरीफा में एक सेब से 2.5 गुना ज्यादा फाइबर होता है जो पाचन को दुरुस्त करता है। इसमें विटामिन सी और मैग्नीशियम भी मौजूद होता है जो बाउल मूवमेंट को ठीक रखता है।
- भाजपा सरकार असंवेदनशील और अहंकार में चूर… अखिलेश यादव की सोनम वांगचुक से अनशन तोड़ने की भावुक अपील - July 14, 2026
- देश के 18 राज्यों में मानसून का ‘रेड अलर्ट’: यूपी-बिहार में अगले 72 घंटे भारी, जानें अपने क्षेत्र का हाल - July 14, 2026
- श्री जगन्नाथ महाराज के ‘नवयौवन’ दर्शन पर उमड़ा आस्था का सैलाब, बेलनगंज मंदिर में भव्य नयन उत्सव - July 14, 2026