जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने के बाद पत्थरबाजी की घटनाएं 91% कम हो गई हैं। 2015 से 2019 के दौरान ऐसी 5063 घटनाएं हुई थीं जबकि 2019 से 2023 तक महज 434 घटनाएं सामने आईं।
वहीं, आतंकियों और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी में 5 गुना बढ़ोत्तरी हुई है। 2015 से 2019 के बीच 4 सालों में 427 आतंकी और उनके सहयोगी गिरफ्तार किए गए। 2019 से 2023 के बीच 2327 आतंकी गिरफ्तार किए गए।
दरअसल, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आर्टिकल 370 हटने से पहले के और बाद के 4 सालों में हुई आपराधिक घटनाओं का डेटा जारी किया है। इसमें सामने आया है कि 2015 से 2019 के बीच 329 सुरक्षाकर्मियों ने जान गंवाई। 2019 से 2023 के बीच 146 सुरक्षाकर्मियों की जान गई यानी इसमें 56% की कमी आई।
5 अगस्त 2019 को हटाया गया था आर्टिकल 370
केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर को स्पेशल दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 को हटा दिया था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बना दिया था।
17 पैरामीटर्स को किया गया कंपेयर
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 17 पैरामीटर्स को कंपेयर किया है। इसके मुताबिक पत्थरबाजी, ग्रेनेड ब्लास्ट, आगजनी, किडनैपिंग और हथियार छीनने की घटनाओं में कमी आई है। इसके अलावा सुरक्षाकर्मियों, आम नागरिकों और आतंकियों की मौतों में भी कमी आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक आर्टिकल 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है। आपराधिक घटनाएं कम हुई हैं और पब्लिक सेफ्टी बेहतर हुई है। इस दौरान खुफिया जानकारी बेहतर ढंग से जुटाई गई। आतंकी ईकोसिस्टम को खत्म करने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए।
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