Agra, Uttar Pradesh, India. जैन दादाबाड़ी प्रांगण में कलिकुंड पार्श्वनाथ चौबीस जिनालय से सीमंदर स्वामी की भव्य भाव यात्रा निकाली गई। धर्म की ऐसी प्रभावना हुई कि श्रावक और श्राविकाएं भावविभोर हो गए। इसके बाद संगीतमय ध्यान, भजन और धर्मसभा में अलौकिक आत्मिक संतोष की अनुभूति हुई। जैन साध्वी वैराग्यनिधि श्री जी महाराज ने भजनों के माध्यम से संदेश दिया कि बच्चों को कॉलेज शिक्षा के साथ चरित्रवान भी बनाएं। इस दौरान ज्योतिषाचार्य शिल्पा जैन ने गीत के माध्यम से सवाल किया तो वैराग्यनिधि ने जवाब भी गीत में दिया।
कभी अलविदा ना कहना
श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के अध्यक्ष राजुकमार जैन और दादाबाड़ी ट्रस्ट के सचिव महेन्द्र जैन ने साध्वी महाराज से प्रार्थना की कि अगला चातुर्मास यहीं पर करें। सभी ने खड़े होकर इसका अनुमोदन किया। साध्वी ने कहा कि जैसा गुरु कहेंगे, वैसा ही करेंगे। ज्योतिषाचार्य शिल्पा जैन ने विहार साध्वी के प्रस्थान किए जाने के संबंध में भजन के माध्यम से पूछा कि फिर कब आओगे। इसके प्रत्युत्तर में साध्वी ने कहा- चलते-चलते ये मेरे गीत याद रखना कभी अलविदा न कहना। इस दौरान उनकी आँखें नम थीं।
ये रहे उपस्थित
इस मौके पर विनय वागचर, रोबिन, प्रेम ललवानी, राजकुमार जैन, महेन्द्र जैन, वीरचंद गादिया, सुनील कुमार जैन, संदेश जैन, अर्पित, निखिल जैन, अशोक ललवानी, अंकित, अजय ललवानी, कमलचंद जैन, सुनील वैद, विमल जैन, दुष्यंत लोढ़ा, देवेन्द्र गांधी, शांता जैन, नीलिमा सेतिया, उषा वैद की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम का लाभार्थी परिवार संदेश वंश एवं सकलेचा परिवार रहा।
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