Agra, Uttar Pradesh, India. पूज्य श्री विचक्षणश्री जी महाराज साहब की विदुषी सुशिष्या पूज्य श्री मणि प्रभाश्री जी महाराज साहब की शिष्या श्री वैराग्यनिधि महाराज साहब, श्री जयणा श्री जी महाराज साहब, श्री आत्मरुचि श्री जी महाराज साहब की सानिध्य में जैन दादाबाड़ी प्रांगण में सीमंदर स्वामी की भाव यात्रा निकाली गई। फिर ध्यानसभा हुई। इसके बाद साध्वी मंडल ने जयपुर की ओर प्रस्थान किया। इस दौरान सबकी आँखें नम थीं।
विहार से पूर्व दादाबाड़ी ट्रस्ट के सचिव महेन्द्र जैन और रीटा ललवानी ने कहा- जाओ न हे ज्ञानी गुरुवर यूं हमें पथ पर छोड़कर..। इस दौरान भी अनेक श्राविकाओं के नेत्र सजल हो गए। साध्वी वैराग्यनिधि ने कहा कि आप तो इस तरह से विदाई दे रहे हैं जैसे चातुर्मास किया हो।
ये रहे उपस्थित
इस मौके श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के अध्यक्ष राजुकमार जैन, सुनील कुमार जैन, संदेश जैन, विनय वागचर, रोबिन, प्रेम ललवानी, राजकुमार जैन, महेन्द्र जैन, वीरचंद गादिया, अर्पित, निखिल जैन, अशोक ललवानी, अंकित, अजय ललवानी, कमलचंद जैन, सुनील वैद, विमल जैन, दुष्यंत लोढ़ा, देवेन्द्र गांधी, शांता जैन, नीलिमा सेतिया, उषा वैद की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।