आगरा। केन्द्रीय हिन्दी संस्थान में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम के अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी साहित्य भारती के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार डॉ. रवीन्द्र शुक्ल का भव्य स्वागत किया गया।
संस्था के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. देवी सिंह नरवार
तथा कार्यकारी जिलाध्यक्ष डॉ. कृष्ण पाल सिंह
ने पटका पहनाकर सम्मान किया।
भारतीय संस्कृति का संरक्षण ही संस्था का ध्येय
डॉ. शुक्ल ने स्पष्ट किया कि संस्था का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का संरक्षण करना है और यह कार्य हिन्दी भाषा के संवर्धन के माध्यम से ही संभव है।
उन्होंने संस्था का ध्येय वाक्य घोषित किया—
“मानव बन जाये जग सारा, यह पावन संकल्प हमारा।”
गोस्वामी तुलसीदास जयन्ती पर होगा भव्य आयोजन
31 जुलाई को गोस्वामी तुलसीदास जयन्ती पर एक
विशाल कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।
रामचरितमानस जैसे महाकाव्य के रचयिता तुलसीदास ने
भारतीय दर्शन और जीवन मूल्यों की अमूल्य सेवा की है।
संस्था उनके विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य कर रही है।
1 अगस्त से 7 अगस्त: श्रद्धा समर्पण सप्ताह
संस्था द्वारा 1 अगस्त से 7 अगस्त तक
“श्रद्धा समर्पण सप्ताह” मनाया जायेगा।
इस दौरान भारत माता की पूजा के साथ किसी विद्वान का
बौद्धिक व्याख्यान आयोजित किया जायेगा।
आगरा जनपद और महानगर की कार्यकारिणी शीघ्र गठित होगी
डॉ. शुक्ल ने डॉ. नरवार से संगठन के विस्तार पर
विस्तृत चर्चा की और आगरा जनपद तथा
आगरा महानगर की कार्यकारिणी शीघ्र गठित करने के निर्देश दिए।
बाल विद्यार्थियों के लिए हिन्दी व्याकरण कार्यशाला
डॉ. नरवार ने बताया कि 11 से 14 वर्ष के
छात्रों के लिए अगस्त माह में हिन्दी व्याकरण कार्यशाला
आयोजित की जायेगी। इसमें संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, मुहावरे, लोकोक्तियाँ, विलोम, पर्यायवाची आदि पर प्रशिक्षण दिया जायेगा।
अन्ताक्षरी शैली में प्रतियोगिता आयोजित होगी और
हिन्दी दिवस (14 सितम्बर) को विजेता टीम को सम्मानित किया जायेगा।
केन्द्रीय हिन्दी संस्थान एवं प्रोफेसर केशव शर्मा का सहयोग
कार्यशाला में केन्द्रीय हिन्दी संस्थान के योग्य प्रोफेसरों का
मार्गदर्शन लिया जायेगा।
इस बैठक में डॉ. बी.आर. आंबेडकर विश्वविद्यालय के
प्रो. केशव शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
संपादकीय
अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी साहित्य भारती मात्र एक संस्था नहीं,
बल्कि भारतीय आत्मा की अभिव्यक्ति है।
डॉ. रवीन्द्र शुक्ल के नेतृत्व में यह संगठन
संस्कृति, भाषा और जीवन मूल्यों के पुनर्जागरण का
पावन कार्य कर रहा है।
आगरा में संगठनात्मक विस्तार और शैक्षणिक पहल इसका प्रमाण है कि
हिन्दी केवल भाषा नहीं, बल्कि राष्ट्र की चेतना है।
इस दिशा में कार्यरत सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
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