फैशन की दुनिया में वसई का डंका: कृष्णप्रिया नायर ने 239 धुरंधरों को पछाड़ जीता नेशनल टाइटल

PRESS RELEASE

मुंबई (अनिल बेदाग): परंपरा जब तकनीक से हाथ मिलाती है, तो इतिहास खुद को नए रूप में लिखता है। वसई की होनहार छात्रा कृष्णप्रिया गिरीश नायर ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। अमिटी यूनिवर्सिटी की अंतिम वर्ष की फैशन डिजाइनिंग छात्रा ने प्रतिष्ठित LIVA Protégé 2025 प्रतियोगिता में ‘एलिवेटेड इंडियनवियर’ श्रेणी में शीर्ष पुरस्कार जीतकर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे वसई और मलयाली समुदाय का नाम रोशन किया है।

मुंबई में आयोजित भव्य ग्रैंड फिनाले में देशभर से आए 239 प्रतिभागियों के बीच कृष्णप्रिया का संग्रह “चींट CTRL+R” निर्णायकों के सामने अलग ही चमक बिखेरता नजर आया।
‘चींट’—वे पारंपरिक हाथ से चित्रित और धूप में रंगे वस्त्र, जिनकी जड़ें भारतीय उपमहाद्वीप की मिट्टी में हैं और जो सदियों पहले वैश्विक फैशन व्यापार का हिस्सा बने—उन्हें कृष्णप्रिया ने एक समकालीन दृष्टि से पुनर्परिभाषित किया।
उनके संग्रह का शीर्षक ‘CTRL+R’ महज एक नाम नहीं, बल्कि एक विचार है—जैसे डिजिटल दुनिया में पेज रिफ्रेश किया जाता है, वैसे ही उन्होंने इतिहास को “रीकोड” करते हुए चींट को आधुनिक वैश्विक मंच पर पुनः प्रस्तुत किया।

कृष्णप्रिया ने पारंपरिक साड़ी की बहती गरिमा को संरचित, आधुनिक सिल्हूट्स के साथ जोड़ा। उनके साड़ी-गाउन डिज़ाइन विरासत और विद्रोह के बीच संवाद रचते हैं। हर परिधान में पिक्सल, पैटर्न, पहचान और गर्व की कहानी झलकती है। संग्रह में इस्तेमाल की गई प्रीमियम और टिकाऊ सामग्री—लिवाइको लिनेन साटिन, 100% मोडल और एक्सेल लिनेन ने परिधानों को तरलता और वैश्विक अपील प्रदान की। यही संतुलन ‘एलिवेटेड इंडियनवियर’ की थीम को जीवंत बनाता है—परंपरा में जड़ें, पर दृष्टि पूरी दुनिया पर।

निर्णायकों को क्यों भाया यह संग्रह?

इस संग्रह की सबसे बड़ी ताकत थी इसकी मौलिकता और स्पष्ट विचारधारा। यह महज कपड़ों का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि एक कथानक था, जहां इतिहास, तकनीक और पहचान एक साथ मंच पर उपस्थित थे। सशक्त निष्पादन और प्रभावी कहानी कहने की क्षमता ने इसे प्रतियोगिता में विशिष्ट बना दिया।

खिताब के साथ कृष्णप्रिया को 1,50,000 रुपये का नकद पुरस्कार, प्रमाणपत्र और स्मृति चिन्ह भी प्रदान किया गया।

इस उपलब्धि ने वसई और मलयाली समुदाय में गर्व की लहर पैदा कर दी है। गिरीश और सुरभि नायर की बेटी ने यह साबित कर दिया कि परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए उसे बदलना नहीं, बल्कि समझना और नए संदर्भ में प्रस्तुत करना जरूरी है। “चींट CTRL+R” के माध्यम से कृष्णप्रिया नायर ने दिखाया है कि भारतीय विरासत को आधुनिकता के साथ जोड़ा जा सकता है, बिना उसकी आत्मा खोए। राष्ट्रीय मंच पर मिली यह जीत उनके उज्ज्वल फैशन करियर की एक मजबूत और प्रेरणादायक शुरुआत है।

Dr. Bhanu Pratap Singh