यूपी के बरेली में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आई लव मोहम्मद का नारा लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव और कथित तौर पर फायरिंग भी की। अब इस मामले में योगी सरकार बड़ा एक्शन लेने की तैयारी में है। हिंसक प्रदर्शन में शामिल उपद्रवियों पर NSA के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो बरेली में हिंसा की प्लानिंग पिछले पांच दिनों से की जा रही थी और शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान असामाजिक तत्वों ने पथराव और फायरिंग की जैसी घटना को प्लान के तहत अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार, साजिश में लोगों की पहचान करके उनके खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, प्रदर्शन के आयोजकों पर भी एनएएस लगाने की तैयारी चल रही है। आरोपियों की पहचान के लिए जहां-जहां हिंसा हुई वहां के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। फिलहाल, पुलिस तमाम लोगों की सीडीआर खंगाल रही है।
बता दें कि बरेली के श्यामगंज में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समाज के लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान उनके हाथों में लव मोहम्मद लिखे पोस्ट बैनर थे। पुलिस ने प्रदर्शन करने वालों को रोकने की कोशिया की। लेकिन जुलूस के रूप से भीड़ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ती गई। इस दौरान एसपी क्राइम से नोकझोंक भी हुई।
इस दौरान कुछ शरारती तत्वों ने खलील स्कूल के पास तोड़फोड़ शुरू कर दी। जब प्रदर्शनकारियों को भगाने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया तो भगदड़ मच गई। वहीं, मौलाना तौकीर रजा को नजरबंद कर दिया गया। इस घटना में पुलिस के 10 कर्मी घायल हुए हैं, जिनका उपचार कराया जा रहा है। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण को देखते हुए पुलिस ने वहां की दुकानों को बंद करा दिया।
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