आगरा। उप्र राज्य औद्योगिक निगम (यूपीएसआईसी) द्वारा शुक्रवार को हरी पर्वत स्थित होटल होलीडे इन में आयोजित कार्यशाला में एमएसएमई उद्यमियों को एमएसएमई प्रदर्शन को बढ़ाने और तेज करने की योजना और अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यशाला का शुभारंभ उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि राकेश गर्ग, प्रबंध निदेशक यूपीएसआईसी राज कमल यादव वरिष्ठ आईएएस, उपायुक्त उद्योग अनुज कुमार, एफमेक के अध्यक्ष पूरन डावर, लघु उद्योग भारती के जिला अध्यक्ष विजय गुप्ता, नेशनल चैंबर के अध्यक्ष अतुल गुप्ता, चैम्बर ऑफ़ फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला का संचालन श्रुति सिन्हा ने किया।
यूपीएसआईसी के चेयरमैन राकेश गर्ग ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार रैंप (आरएएमपी) जैसी योजनाओं सहित विभिन्न सरकारी सुविधाओं की जानकारी सीधे जनता तक पहुंचा रही है। उन्होंने लघु एवं सूक्ष्म उद्यमियों से अपील की कि वे कौशल विकास करें और योजनाओं के प्रति जागरूक रहें ताकि योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि रैंप और अन्य योजनाओं के माध्यम से सभी को सौ प्रतिशत लाभ मिलेगा, जिससे लघु एवं सूक्ष्म उद्योग को मजबूती मिलेगी और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को गति मिलेगी।
कानपुर से आये यूपीएसआईसी के प्रबंध निदेशक राज कमल यादव ने कहा कि प्रदेश में अब तक कई एमएसएमई उद्यमियों को सब्सिडी का लाभ दिया जा चुका है। एमएसएमई नीति 2022 के तहत रैंप प्रोग्राम, टीयूएस, ईएसजी, जेडईडी और पीएलईडीजीई जैसी योजनाओं के माध्यम से उद्यमियों को वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग और बाज़ार से जुड़ने के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि एमएसएमई वन कनेक्ट पोर्टल के माध्यम से भी इन योजनाओं का संचालन किया जाएगा, जिससे एमएसएमई को सुविधाजनक तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
रैंप: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम
शताक्षी मिश्रा (केजीएमपी) ने बताया कि रैंप प्रोग्राम को आत्मनिर्भर भारत के विजन के आधार पर विकसित किया गया है। यह विशेष रूप से उन उद्यमियों की मदद के लिए बनाया गया है, जो कोरोना काल में प्रभावित हुए थे। सरकार का उद्देश्य एमएसएमईएस को आर्थिक सहयोग, नई तकनीकों की जानकारी और कौशल विकास का लाभ देना है। यह योजना भारत सरकार और विश्व बैंक के आर्थिक सहयोग से संचालित हो रही है। इसके के तहत एमएसएमईएस को नए बाजारों में प्रवेश करने, निर्यात क्षमता बढ़ाने और वित्तीय संसाधनों तक पहुंचने में सहायता मिल रही है।
उद्यमियों में दिखा जबरदस्त उत्साह
कार्यशाला में उपस्थित एमएसएमई उद्यमियों ने सरकार की इस पहल की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान कई उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस प्रकार रैंप प्रोग्राम और अन्य सरकारी योजनाओं से उन्हें व्यापार को बढ़ाने में मदद मिल रही है। कार्यशाला के समापन पर यूपीएसआईसी अधिकारियों ने कहा कि आगरा अब एमएसएमई विकास की दिशा में और तेजी से कदम बढ़ाने के लिए तैयार है। सरकार का यह प्रयास देश के छोटे और मध्यम स्तर के उद्योगों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पर्यावरण अनुकूलन पर विशेष ध्यान
यूपीएसआईसी और रैंप प्रोग्राम पर्यावरणीय अनुकूलन के लिए भी विशेष प्रयास कर रहे हैं। ईएसजी प्रमाण पत्र को उद्योगों के लिए एक मानक के रूप में लागू किया जा रहा है। कार्यशाला के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि सरकार की योजनाओं और एमएसएमई की सक्रिय भागीदारी से औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आने वाला है।
इस अवसर पर यूपीएसआईसी के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर प्रभात बाजपाई, अधिशाषी अभियंता वाईपी सिंह, सहायक अभियंता सूयेश पांडेय, अवर अभियंता रंजीत सिंह एवं लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल की उपस्थिति प्रमुख रही। राजीव बंसल, अम्बा प्रसाद गर्ग, ओपेन्दर सिंह लवली, रजत अस्थाना, सीएस अनुज अशोक, संजीव जैन, संजय गोयल, इंजीनियर उमेश शर्मा, आगरा की एक दर्जन से अधिक औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
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