संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस (ICJ) ने सर्वसम्मति से इसराइल को आदेश दिया है कि वह अकाल से गाजा को बचाने के लिए राहत सामग्री की आपूर्ति को बाधित न करे.
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने कहा है कि गाजा में ज़रूरी बुनियादी सेवाओं और मानवीय सहायता जारी रखने के लिए इसराइल को बिना देरी के काम करना चाहिए.
हाल ही में यह चेतावनी दी गई थी कि अगर समय रहते गाजा में मानवीय सहायता नहीं पहुंची तो वहाँ कुछ ही हफ़्तों में अकाल पड़ सकता है.
अपने आदेश में आईसीजे ने कहा है कि अब वो समय नहीं है कि जब गाजा पर अकाल का ख़तरा मंडरा रहा हो, बल्कि वह इस ख़तरे से जूझ रहा है.
इसराइल पर लगातार मानवीय सहायता को बाधित करने का आरोप लग रहा है. हालांकि उसने इन आरोपों को ख़ारिज किया है.
अदालत ने कहा कि इसराइल को बिना किसी देरी के संयुक्त राष्ट्र के साथ सहयोग कर तत्काल प्रभाव से बुनियादी सेवाओं और मानवीय सहायता को ग़ज़ा में पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए.
इसमें कहा गया है कि ज़रूरी मदद में भोजन, पानी, बिजली, ईंधन, कपड़े, शेल्टर और दवाएं जैसे सामान शामिल हैं.
हाल ही में दक्षिण अफ़्रीका ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में इसराइल के ख़िलाफ़ आरोप लगाया था कि वह गाजा में जनसंहार कर रहा है.
इसराइल ने जनसंहार के आरोपों को नकारते हुए गाजा में मानवीय सहायता को बाँटने में आ रही दिक्क़तों के लिए संयुक्त राष्ट्र को दोषी ठहराया है.
हेग की अदालत के ताज़ा फ़ैसले से पहले जनवरी में भी कोर्ट ने इसराइल को गाजा में जनसंहार की घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए कहा था.
फ़ैसले में यह भी कहा गया है कि इसराइल को जनसंहार कन्वेंशन के तहत यह सुनिश्चित करना होगा कि उसकी सेना कोई भी ऐसा काम न करे, जिससे गाजा में फ़लस्तीनियों के किसी अधिकार का उल्लंघन हो.
हालांकि अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का यह आदेश क़ानूनी रूप से बाध्य है लेकिन अदालत के पास उसे लागू करने की शक्ति नहीं है.
-एजेंसी
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